
Rama Devi Sahu
271 days ago
|| जय श्री राधा माधव || मानवता का मूल स्वरूप है—सहयोग, करुणा और सहायता। जब हम किसी के काम आते हैं, तो यह हमारे अच्छे संस्कार और संवेदनशीलता को दर्शाता है। लेकिन जीवन की एक सच्चाई यह भी है कि हर व्यक्ति नेकनीयत नहीं होता। कुछ लोग आपकी दया, आपकी उपलब्धता और आपकी सहनशीलता को अधिकार समझ लेते हैं। वे आपकी मदद को आभार से नहीं, स्वार्थ से देखते हैं। ऐसे लोग धीरे-धीरे आपकी अच्छाई का उपयोग नहीं, बल्कि दुरुपयोग करने लगते हैं। इसलिए यह पंक्ति सिखाती है कि— सहायता करो, लेकिन विवेक के साथ। नेकी करो, लेकिन शोषण का दरवाज़ा खुला न छोड़ो। || श्री गुरु चरणं | श्री कृष्ण शरणम् || हरिॐ जी ईश्वर सत्य है ll

Comments (2)

Rama Devi Sahu
Dec 2, 2025
jai Shree Krishna 🙏 Radhe Radhe 🙏 Subha Ratri Jii 🙏🌹🌹

H.S.CHAHAR
Dec 2, 2025
🚩🌹🙏जय श्री कृष्णा जय श्री राधे राधे जी आपका दिन मंगलमय हो भगवान आपको हमेशा खुश रखे शुभ मंगलवार की 🌹🙏
