
Rama Devi Sahu
126 days ago
‼️श्री राधिकायै नमः‼️ ॥दोहा॥ श्री राधे वृषभानुजा, भक्तनि प्राणाधार। वृन्दावनविपिन विहारिणी, प्रणवों बारंबार ॥ जैसो तैसो रावरौ, कृष्ण प्रिया सुखधाम । चरण शरण निज दीजिये, सुन्दर सुखद ललाम ॥ भावार्थ:- हे वृषभानु की पुत्री राधा, आप सभी भक्तों के प्राणों की आधार हैं। आप वृंदावन की गलियों में विचरण करती हैं और हम आपको बार-बार प्रणाम करते हैं। मैं जैसा भी हूँ लेकिन कृष्ण की प्रिय राधा से सुख प्राप्त करता हूँ। इसलिए हे माँ, मुझे अपने चरणों की शरण में लीजिए और मुझे सुख प्रदान करें। . 🏵️श्री राधे कीजे कृपा की कोर 🏵️ 🌺 जय श्री राधे राधे जी 🌺
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