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Rama Devi Sahu

108 days ago

श्मशान अब केवल जीवन की अंतिम यात्रा का गंतव्य नहीं रह गया है, बल्कि यह एक संगठित सप्लाई चेन का सबसे सस्ता और बड़ा गोदाम बन चुका है। व्यावसायिक क्रूरता का आलम यह है कि मृत देह के साथ श्मशान पहुँचने वाली हर वस्तु को अब मुनाफे के तराजू पर तौला जा रहा है। हाल ही में उजागर हुए तथ्य बताते हैं कि इस गोरखधंधे ने अब दो मुख्य रास्तों से बाजार में अपनी पैठ बना ली है—पहला ईंधन और दूसरा पहनावा। जिस कोयले से किसी का अंतिम संस्कार हुआ, उसे बोरियों में भरकर थोक के भाव स्थानीय ढाबों, होटलों और भट्टियों तक पहुँचाया जा रहा है। यह वही कोयला है जिसका उपयोग तंदूर की रोटियां सेंकने या अन्य व्यावसायिक कार्यों में किया जा रहा है। नैतिकता के पैमाने को हटाकर देखें तो यह मृत शरीर की ऊर्जा का आखिरी बूंद तक दोहन करने की पराकाष्ठा है। इससे भी भयावह वह प्रक्रिया है जिसमें लाशों पर चढ़ाई गई महँगी शॉलें, रेशमी साड़ियाँ, चादरें और नए कपड़े श्मशान के घाटों से ही गायब कर दिए जाते हैं। बहुत से लोग ऐसे हैं कि मृत व्यक्ति के कपड़े नहीं पहनते या तो उन्हें भोज खाने वाले पंडित को दे देते हैं या फिर उनके मृत शरीर के साथछोड़ आते हैं । इन सेकंड हैंड कपड़ों को नया दिखाने के लिए एक पूरी क्लीनिंग चेन काम करती है। इन पर लगे दाग धोए जाते हैं और श्मशान की विशिष्ट गंध को दबाने के लिए इन पर इत्र (सेंट) का छिड़काव किया जाता है। एक बार जब गंध और पहचान मिट जाती है, तो इन्हें नई पैकिंग में डालकर थोक बाजार में ₹20 से ₹50 की मामूली कीमत पर उतारा जाता है। ये कपड़े घूम-फिरकर वापस उन घरों में पहुँचते हैं जहाँ लोग इन्हें सस्ता और अच्छा समझकर शादियों में लेन-देन, पूजा-पाठ या गरीबों को दान देने के लिए खरीदते हैं। जिस वस्त्र में किसी की अंतिम सांसें और परिवार के आंसू लिपटे थे, वह इत्र की खुशबू के पीछे छिपकर किसी उत्सव का हिस्सा बन जाता है। यह पूरी व्यवस्था से ऐसा लगता है कि समाज में मानवीय गरिमा और धार्मिक मूल्यों का स्थान अब केवल व्यावसायिक लाभ ने ले लिया है। यहाँ शव केवल एक देह नहीं, बल्कि कोयला और कपड़ा उपलब्ध कराने वाला एक रॉ मटेरियल बनकर रह गया है। मुनाफाखोरी की इस अंधी दौड़ में संवेदनाएं अब पूरी तरह आउट ऑफ स्टॉक हो चुकी हैं।

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Comments (4)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

May 14, 2026

ji, Jamana Kanha se Kanha tk Pahuch gaye, ye Sab Sochne ke liye Pare hai....!!!!

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

May 14, 2026

🙏‼️ Hari Om Tat Sat ‼️🙏

सविता

सविता

May 14, 2026

bahut kardvi sacchai

R k jangid 

phulera Jaipur

R k jangid phulera Jaipur

May 14, 2026

जय श्री हरि विष्णु की 🌹 आज के समय में सब जगह यही हाल है 🌹🙏