
Rama Devi Sahu
124 days ago
शव की खोपड़ी क्यों फोड़ी जाती है? और शव को श्मशान तक बांधकर क्यों ले जाया जाता है? सोचिए… जब किसी इंसान की सांस हमेशा के लिए रुक जाती है, शरीर ठंडा पड़ जाता है… तब उस मृत शरीर और उसकी अदृश्य आत्मा के बीच एक रहस्यमयी खेल शुरू होता है। गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के समय पापी मनुष्य को यमदूत दिखाई देते हैं—भयानक, लाल आंखें, लंबे नाखून, डरावना चेहरा। वे आत्मा को शरीर से खींचकर निकालते हैं, और उस समय दर्द इतना होता है जैसे हजारों बिच्छू एक साथ डंक मार रहे हों। शरीर छोड़ने के बाद आत्मा वहीं अपने शरीर के पास मंडराती रहती है… अपने परिवार को रोते हुए देखती है… बात करना चाहती है, छूना चाहती है… लेकिन कोई उसे सुन नहीं पाता। यही उसकी सबसे पहली पीड़ा होती है। इसीलिए शव को कभी अकेला नहीं छोड़ा जाता। क्योंकि आत्मा अपने शरीर से मोह नहीं छोड़ पाती… और रात में नकारात्मक शक्तियां भी सक्रिय हो जाती हैं। शव के पैरों के अंगूठे बांधने का कारण भी यही है—ताकि आत्मा दोबारा शरीर में प्रवेश ना कर सके। श्मशान जाते समय जो आग की मटकी ले जाई जाती है, वह उस घर की अंतिम ऊर्जा होती है… जिससे चिता को अग्नि दी जाती है। अब सबसे रहस्यमय क्रिया—कपाल क्रिया। जब सिर पर डंडे से प्रहार किया जाता है… ताकि ब्रह्मरंध्र खुल जाए… और आत्मा पूरी तरह मुक्त हो सके। अगर यह ना किया जाए, तो आत्मा शरीर के मोह में फंसी रह सकती है। श्मशान से लौटते समय पीछे मुड़कर नहीं देखा जाता… क्योंकि ऐसा करने से आत्मा का मोह बढ़ जाता है… और वह वापस घर आ सकती है। गरुड़ पुराण कहता है कि मृत्यु के बाद 13 दिनों तक आत्मा घर के आसपास रहती है… पिंडदान से उसे शक्ति मिलती है… और फिर यमदूत उसे यमलोक की लंबी और कष्टदायक यात्रा पर ले जाते हैं। वह यात्रा आसान नहीं होती… रास्ते में भयानक नगर, यातनाएं और अंत में वैतरणी नदी—जिसे पार करना हर आत्मा के लिए सबसे कठिन होता है। अंत में, यमराज के दरबार में चित्रगुप्त उसके कर्मों का हिसाब सुनाते हैं… और उसी आधार पर मिलता है स्वर्ग या नरक।

Comments (2)

Rama Devi Sahu
Apr 28, 2026
Ji Shukriya 🥀 Hari Om Tat Sat 🙏 Subha Ratri Jii 😊🌹🙏

Rohit Patel
Apr 28, 2026
वाह जी 💕💕💕💕
