
Srikumar महाराज🇮🇳☸️
115 days ago
*†🌿 || पार्थ के सवाल ❖ माधव के जवाब || 🌿†* 🌸 *पार्थ: माधव!* _मैं सबके लिए उपलब्ध रहता हूँ, पर जब मुझे किसी की आवश्यकता होती है, तो कोई साथ नहीं दिखता। तब मन बहुत खाली लगने लगता है…_ 🦚 *माधव: हे पार्थ!* जो दूसरों का सहारा बनते हैं, वे भी कभी-कभी सहारे की इच्छा रखते हैं— यह कमजोरी नहीं, मनुष्य होने का स्वभाव है। पर याद रखो, अपनी सारी उम्मीदें लोगों पर मत टिकाओ। कुछ यात्राएँ ऐसी होती हैं जहाँ तुम्हें स्वयं अपना साथी बनना पड़ता है। जब तुम अपने भीतर स्थिर होना सीख जाते हो, तब दूसरों की उपस्थिति सुख बनती है, ज़रूरत नहीं। > 🌸 जो स्वयं का साथ निभाना सीख लेता है, उसे अकेलापन कम और स्वतंत्रता अधिक महसूस होती है। ✨ *🪷 जय श्री कृष्ण 🪷*
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!
