
Rama Devi Sahu
285 days ago
*🟠🎋🟧 अमृतकथा प्रसंग क्र 1524 🟧🎋🟠* :::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: *🏵️🔘🕉️ श्री कृष्ण और बर्बरीक🕉️🔘🏵️* *बात उस समय कि है जब महाभारत का युद्घ आरंभ होने वाला था..भगवान श्री कृष्ण युद्घ में पाण्डवों के साथ थे जिससे यह निश्चित जान पड़ रहा था कि कौरव सेना भले ही अधिक शक्तिशाली है लेकिन जीत पाण्डवों की होगी। ऐसे समय में भीम का पौत्र और घटोत्कच का पुत्र बर्बरीक ने अपनी माता को वचन दिया कि युद्घ में जो पक्ष कमज़ोर होगा वह उनकी ओर से लड़ेगा बर्बरीक ने महादेव को प्रसन्न करके उनसे तीन अजेय बाण प्राप्त किये थे। भगवान श्री कृष्ण को जब बर्बरीक की योजना का पता चला तब वह ब्राह्मण का वेष धारण करके बर्बरीक के मार्ग में आ गये। श्री कृष्ण ने बर्बरीक का मजाक उड़ाया कि, वह तीन वाण से भला क्या युद्घ लड़ेगा। कृष्ण की बातों को सुनकर बर्बरीक ने कहा कि उसके पास अजेय बाण है। वह एक बाण से ही पूरी शत्रु सेना का अंत कर सकता है। सेना का अंत करने के बाद उसका बाण वापस अपने स्थान पर लौट आएगा। इस पर श्री कृष्ण ने कहा कि हम जिस पीपल के वृक्ष के नीचे खड़े हैं अपने बाण से उसके सभी पत्तों को छेद कर दो तो मैं मान जाउंगा कि तुम एक बाण से युद्घ का परिणाम बदल सकते हो। बर्बरीक ने चुनौती स्वीकार करके, भगवान का स्मरण किया और बाण चला दिया। पेड़ पर लगे पत्तों के अलावा नीचे गिरे पत्तों में भी छेद हो गया। इसके बाद बाण भगवान श्री कृष्ण के पैरों के चारों ओर घूमने लगा क्योंकि एक पत्ता भगवान ने अपने पैरों के नीचे दबाकर रखा था। भगवान श्री कृष्ण जानते थे कि युद्घ में विजय पाण्डवों की होगी और माता को दिये वचन के अनुसार बर्बरीक कौरावों की ओर से लड़ेगा जिससे अधर्म की जीत हो जाएगी। इसलिए ब्राह्मण वेषधारी श्री कृष्ण ने बर्बरीक से दान की इच्छा प्रकट की। बर्बरीक ने दान देने का वचन दिया तब श्री कृष्ण ने बर्बरीक से उसका सिर मांग लिया। बर्बरीक समझ गया कि ऐसा दान मांगने वाला ब्राह्मण नहीं हो सकता है। बर्बरीक ने ब्राह्मण से कहा कि आप अपना वास्तविक परिचय दीजिए। इस पर श्री कृष्ण ने उन्हें बताया कि वह कृष्ण हैं। सच जानने के बाद भी बर्बरीक ने सिर देना स्वीकार कर लिया लेकिन, एक शर्त रखी कि, वह उनके विराट रूप को देखना चाहता है तथा महाभारत युद्घ को शुरू से लेकर अंत तक देखने की इच्छा रखता है। भगवान ने बर्बरीक की इच्छा पूरी कि, सुदर्शन चक्र से बर्बरीक का सिर काटकर सिर पर अमृत का छिड़काव कर दिया और एक पहाड़ी के ऊंचे टीले पर रख दिया। यहां से बर्बरीक के सिर ने पूरा युद्घ देखा। युद्घ समाप्त होने के बाद जब पाण्डवों में यह विवाद होने लगा कि किसका योगदान अधिक है तब श्री कृष्ण ने कहा कि इसका निर्णय बर्बरीक करेगा जिसने पूरा युद्घ देखा है। बर्बरीक ने कहा कि इस युद्घ में सबसे बड़ी भूमिका श्री कृष्ण की है।पूरे युद्घ भूमि में मैंने सुदर्शन चक्र को घूमते देखा।श्री कृष्ण ही युद्घ कर रहे थे और श्री कृष्ण ही सेना का संहार कर रहे थे। उन्ही को आज जगत बाबा श्याम,खाटू श्यामजी,हारे का सहारा और भी अनेक नामों से जानते है..!! *🔴🍃🔲 ओम शांति 🔲🍃🔴*

Comments (12)

Rama Devi Sahu
Nov 18, 2025
Radhey Radhey ❤️ Jai Shree Krishna 🙏 Subha Ratri 🌹 🌹

Rama Devi Sahu
Nov 18, 2025
Jai Shree Shyam 🙏 Shubha Ratri Jii 🙏 Apne Khayal Rakhna or Apno ko bhi 🌹❤️🌹

Rama Devi Sahu
Nov 18, 2025
Ji Shukriya 🌹

Rama Devi Sahu
Nov 18, 2025
Vvery Sweet Good Night ❤️ Sweet Dreams Jii 🌹 Take Care ❤️ God Bless You 🌹❤️🌹

Rama Devi Sahu
Nov 18, 2025
Jai Shree Shyam 🙏 Shubha Ratri Jii 🌹❤️🌹

Rama Devi Sahu
Nov 18, 2025
Jai Shree Shyam 🙏 Shubha Ratri Jii 🌹❤️🌹

My Mandir good by
Nov 18, 2025
Radhe Radhe good night Devi ji shubh ratri 🌉

My Mandir good by
Nov 18, 2025
good night Devi ji

Bajra Singh Chouhah Bajra Singh Chouhah
Nov 18, 2025
🤗🌹आपका भी रात्रि प्यार भरे सपनों के साथ 🤗
