
Srikumar महाराज🇮🇳☸️
119 days ago
लाहौर मे 1938 मे इस गली मे हवेलीया बनवाने वाले हिन्दूओ को क्या पता था कि 9 वर्ष बाद ही 1947 यहां से सब कुछ छोडकर भागना पडेगा..?? लाहौर एक दास्तां है जो हिन्दुओ को यह बताती है कि पैसा कमा लेना सबकुछ नही है। श्री राम के पुत्र लव द्वारा बसाया गया शहर लाहौर। महाराज रणजीत सिंह के समय लाहौर में वाराणसी से ज्यादा मंदिर और गुरुद्वारे थे। बंटवारे तक व्यापार में अग्रवालों, जाटो और सिखों का डंका बजता था। मगर इन मूर्खो ने सदैव छद्म धर्मनिरपेक्षता बनाये रखी, लाहौर में म्लेच्छ मुसलमानो को अपने यहाँ काम पर रखते गए। उन्ही म्लेच्छ मुसलमानो ने बहुसंख्यक होकर अग्रवालों और सिखों को घसीट घसीट कर मारा। ऊंची ऊंची शेखावटी हवेलियां और सरदारों के महल जेहादियो ने कब्जा लिए। भारत में लाहौर पेशावर मुल्तान ढाका गुजरांवाला मीरपुरखास में बड़ी-बड़ी हवेलिया और बड़ी-बड़ी कोठियां रखने वाले हिंदुओं और सिखों को भी रातों-रात अपना सब कुछ छोड़ कर भागना पड़ा था। हिन्दुओं को रातों रात कराची लाहोर कश्मीर बलोच कांधार छोड़ना पड़ा। हिन्दू वाल्मिकी मेगवार समाज के जो लाहौर रुक गए वे मिटा दिये गये, उनकी बहू बेटियां उठा ली गई या उनका जबरन म्लेच्छ से निकाह करा दिया गया। नब्बे के दशक में कश्मीर घाटी से जब कश्मीरी हिंदू अपना सब कुछ छोड़ कर आए? भारत सरकार पूरा संविधान पूरी सेना पूरी सरकारी मशीनरी होते हुए भी एक भी कश्मीरी हिंदू को घाटी में सुरक्षा नहीं दे पाई। पुलिस थी, सेना भी थी, संविधान था, कोर्ट भी था। हम गाते रह गए - “हस्ती” मिटती नहीं हमारी,,, और...वो मिटा रहे, हर रोज एक नई “बस्ती” हमारी,,, जिनको धर्म प्यारा था,उनके 56 देश बन गए । और जिनको देश प्यारा था,उनके देश के छींन-भिन्न होकर टुकड़े हो गए।। धर्म रहेगा तो हमारी यशोगाथा की कथा कही जाती रहेगी धर्म नहीं रहा तो हमारी विरासत खंडहर बनकर ढह जाएगी... जर जोरू जमीन सब यही धारा रह जाएगा .. उसे कोई और भोगेगा जेसे लाहौर का व्यापार, कराची के कारखाने, बांगलादेश का jute उद्योग सब मोमिन के हाथों चला गया... धर्म बचेगा तो ही देश बचेगा वरना पाकिस्तान और बांग्लादेश भी कभी भारत का हिस्सा हुआ करते थे !!

Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!
