
Rama Devi Sahu
22 days ago
माखन चुराने वाला ब्रज का कन्हैया, पुरी में दारुब्रह्म जगन्नाथ बनके आया। रूप अलग है पर भाव एक है, दोनों से ही मेरा हर पल महकता है। 🌸✨ द्वारकाधीश की लीला और नीलांचल के नाथ की करुणा में कोई भेद नहीं। दोनों ही रूप एक ही परम चेतना के हैं। जय जगन्नाथ! जय श्री कृष्णा! 🙏🌹

Comments (3)

सविता
Aug 23, 2026
RADHE RADHE 🙏🌹

Dilip
Aug 23, 2026
जय श्री राधे कृष्णा जी 🌺🙏

Dilip
Aug 23, 2026
जय श्री राधे कृष्णा जी 🌺🙏
