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[24/01, 08:42] Meta AI: *यह कर के देखें* ● सर्दी हो रही है - 1 चम्मच शहद में चुटकी भर दालचीनी पाउडर मिलाकर दिन में दो बार चाटें। - अगर सर्दी के कारण सिर भारी हो गया है, तो काली मिर्च का लेप माथे पर लगाने से आराम मिलता है। ● नाक से पानी आ रहा है - जायफल और वेखंड को थोड़ा पीसकर उसका लेप नाक पर और माथे पर लगाएं और वही शहद में मिलाकर चाटने से सर्दी में बहुत जल्दी आराम मिलता है। ● कफ - 10-12 तुलसी के पत्ते, 4-5 काली मिर्च और अदरक का टुकड़ा पानी में उबालें। पानी आधा होने पर उसे छानकर गुनगुना पीएं। यह काढ़ा कफ और खांसी पर रामबाण उपाय माना जाता है। ● गले में खराश - अदरक का रस और शहद समान मात्रा में मिलाकर चाटने से गले की खराश तुरंत ठीक हो जाती है। - [24/01, 08:42] Meta AI: *यह कर के देखें* ● सर्दी हो रही है - 1 चम्मच शहद में चुटकी भर दालचीनी पाउडर मिलाकर दिन में दो बार चाटें। - अगर सर्दी के कारण सिर भारी हो गया है, तो काली मिर्च का लेप माथे पर लगाने से आराम मिलता है। ● नाक से पानी आ रहा है - जायफल और वेखंड को थोड़ा पीसकर उसका लेप नाक पर और माथे पर लगाएं और वही शहद में मिलाकर चाटने से सर्दी में बहुत जल्दी आराम मिलता है। ● कफ - 10-12 तुलसी के पत्ते, 4-5 काली मिर्च और अदरक का टुकड़ा पानी में उबालें। पानी आधा होने पर उसे छानकर गुनगुना पीएं। यह काढ़ा कफ और खांसी पर रामबाण उपाय माना जाता है। ● गले में खराश - अदरक का रस और शहद समान मात्रा में मिलाकर चाटने से गले की खराश तुरंत ठीक हो जाती है। - 10-12 तुलसी के पत्ते पानी में उबालकर उस काढ़े को गुनगुना पीना चाहिए। ● सिरदर्द - तुलसी के पत्ते पानी में उबालकर उसमें थोड़ा शहद मिलाकर पीने से सिर शांत होता है। - अगर सिरदर्द पित्त या गैस के कारण है, तो गुनगुने पानी में चुटकी भर नमक मिलाकर पीने से आराम मिलता है। - अगर तनाव के कारण सिरदर्द हो रहा है, तो गर्दन के पीछे गर्म पानी की बोतल से सेंक करें। अगर माइग्रेन है, तो माथे पर आइस पैक रखें। - अदरक का रस और पुदीने का रस चम्मच भर एक साथ मिलाकर पीने से सिरदर्द रुक जाता है। ● रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए - ऊपर दी गई समस्याएं रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण होती हैं, यह हमेशा याद रखें। इसके लिए घर में गिलोय लाकर रखें। - गिलोय की एक-दो काडी पीसकर पानी में उबालकर उसका काढ़ा पिएं। यह रक्त में प्लेटलेट्स बढ़ाता है और इम्युनिटी के लिए सबसे अच्छा औषधि माना जाता है। ● शीतपित्त, बार-बार घाव होना - 1 चम्मच शुद्ध गाय का घी लें, उसमें थोड़ी खड़ी शक्कर और 2-3 काली मिर्च पाउडर मिलाकर सुबह खाली पेट खाएं। यह शीतपित्त पर बहुत ही गुणकारी माना जाता है। ● कान में आवाज आना - तुलसी के पत्तों को साफ धोकर उसका रस निकालें। इस रस को हल्का गर्म करके इसके 2 बूंद कान में डालें। यह एंटीबायोटिक के रूप में काम करता है। ● कान में दर्द - प्याज को कद्दूकस करके उसका रस निकालें। इस रस को थोड़ा गर्म करके इसके 2 बूंद कान में डालें। इससे संक्रमण कम होने में मदद मिलती है और कान का दर्द ठीक होता है। ● पैरों में पसीना आना - गुनगुने पानी में थोड़ा नमक मिलाकर 15-20 मिनट पैर उसमें डुबोकर रखें। नमक त्वचा को सूखा रखने में मदद करता है। - फिटकरी में प्राकृतिक रूप से पसीना रोकने के गुण होते हैं। नहाने के पानी में या पैर धोने के टब में थोड़ी फिटकरी का पाउडर डालने से फायदा होता है। - रात को सोने से पहले रूई की मदद से तलवों पर एप्पल साइडर विनेगर लगाएं। इससे बैक्टीरिया मर जाते हैं और पसीना कम आता है। - पैरों के अंगूठों के बीच बेकिंग सोडा लगाने से नमी सोख ली जाती है। इन घरेलू उपायों को अपनाकर आप कई समस्याओं से निजात पा सकते हैं। 📲 इस संदेश को अपने परिवार और दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें! 🌹

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