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Rama Devi Sahu

44 days ago

रामहि केवल प्रेमु पिआरा। जानि लेउ जो जान निहारा॥ भावार्थ:-👇 भगवान श्रीराम को केवल (सच्चा) प्रेम ही प्रिय है。 जो इस रहस्य को जानने वाला है (अर्थात जो प्रभु के वास्तविक स्वभाव को समझना चाहता है), वह अच्छी तरह से जान ले कि प्रभु को धन, बल या आडंबर से नहीं, बल्कि केवल शुद्ध प्रेम से ही पाया जा सकता है। संदर्भ:-👇 यह चौपाई गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित श्रीरामचरितमानस के अयोध्याकांड से ली गई है। जब भगवान राम चित्रकूट में वनवासियों और पशु-पक्षियों से प्रेमपूर्वक मिलते हैं, तब उनकी इस प्रेम-भक्ति और स्वभाव का वर्णन करते हुए यह बात कही गई है। प्रभु तेरी शरण तज कर,..... बताओं हम शरणं पाने कहां जाएं 👏 जब याद करना हो तो राम को करो, और स्मरण हों तो भगवान् का। लोगों से संसार से रिश्ते नातों से आशा रखना ही दुःख का सबसे बड़ा मूल कारण है । अध्यात्म में यहां संसार का नहीं परमेश्वर का महत्व है, हमारा मनुष्य जन्म ही परमात्मा की प्राप्ति के लिए हुआ है बस हम इस संसार और सांसारिकता में गुम हो गये है खो गये है परमात्मा को भूल कर संसार के हो गये और भगवान् को भुला दिया है। ईश्वर के साथ जुड़ना ही मनुष्य का असली सुख है। नाम स्वास दो बिलख चलत है, इन को मोको भेध न भावें, सवासा ही नाम... नाम ही सवासा, नाम सवास को भेध मिटावे, रोम रोम रग रग जब बोले, तब तक स्वाद नाम को पावे। ( हे मेरे राम सत्य धाम प्रभु दीनदयाला इतनी मोपे कृपा कर दो कि हमारी धड़कन हमारी स्वास में हमारी नस नस में राम राम आवे और हृदय राममय हो जावें) आराम की तलब है तो एक काम कर, आ राम की शरण में और राम राम कर। जय सीताराम 👏 जय श्री राम👏

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Comments (2)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Jul 18, 2026

राम रामेति रामेति, रमे रामे मनोरमे । सहस्रनाम तत्तुल्यं, रामनाम वरानने ॥ भावार्थ: हे पार्वती! मैं "राम, राम, राम" नाम में ही रमण करता हूँ। यह "राम" नाम भगवान विष्णु के सहस्र (हज़ार) नामों के जप के समान फल देने वाला है। संदेश: "राम" नाम को अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली माना गया है। इस श्लोक में भगवान शिव माता पार्वती से कहते हैं कि केवल "राम" नाम का स्मरण भी विष्णु सहस्रनाम के पाठ के तुल्य पुण्य और आध्यात्मिक लाभ प्रदान करता है। भक्ति परंपरा में राम-नाम को मन की शांति, चित्त की एकाग्रता और ईश्वर-स्मरण का सरलतम साधन माना गया है। राम नाम की महिमा: कलियुग में भगवान के नाम का स्मरण ही जीव को संसार-सागर से पार कराने का प्रमुख साधन है। श्रीराम जय राम जय जय राम। 🙏🏻🚩

Shah  🩷

Shah 🩷

Jul 18, 2026

जय श्री राम🙏🌹