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Rama Devi Sahu

1 hours ago

170 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय हीरो कैप्टन स्मित मच्छार की हालत में सुधार नई दिल्ली फ्लाईदुबई की फ्लाइट को हादसे से बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की हालत में अब सुधार बताया जा रहा है। कॉकपिट में ओमानी को-पायलट के कथित हमले में उनके सि@र पर क्रैश ऐक्स से वार किया गया था, जिससे उनकी खोपड़ी में गंभीर @फ्रैक्चर यानी डिप्रेस्ड स्कल फ्रैक्चर हो गया। खू@न से लथपथ होने के बाद भी नहीं मानी हार हमले में कैप्टन मच्छार के सिर से काफी खू@न बहा, इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। वह फर्श पर पड़े-पड़े कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश करते रहे ताकि केबिन क्रू अंदर आ सके। दरवाजा खुलते ही क्रू और यात्रियों ने अंदर पहुंचकर को-पायलट को काबू किया। इस दौरान कैप्टन के हाथ-पैर, सीने और पेट पर भी चो@टें आईं। फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग सऊदी अरब के तबुक में प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कराई गई। तुरंत उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी खोपड़ी की सर्जरी हुई। अब उन्हें बेहतर इलाज के लिए अबू धाबी के मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां स्पेशलिस्ट डॉक्टर उनकी निगरानी कर रहे हैं। परिवार को उनसे मिलने की इजाजत दे दी गई है। PM मोदी से बोले - "170 लोगों की जिम्मेदारी मुझ पर थी" PM नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉल पर कैप्टन मच्छार ने पूरी घटना बताई। उन्होंने कहा - "मैं कॉकपिट के फर्श पर पड़ा था, मुझ पर हमला हो रहा था और मुझे महसूस हुआ कि 170 यात्रियों वाला विमान नीचे जा रहा है। मैं अपनी जान बचाने के लिए लड़ रहा था, लेकिन मुझे पता था कि विमान में मौजूद सबकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी मुझ पर है।" क्या हुआ था फ्लाइट में? फ्लाईदुबई की फ्लाइट बुधवार सुबह दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के ढाई घंटे बाद विमान अचानक 18 हजार फीट नीचे आ गया। पायलटों ने ATC को इमरजेंसी सिग्नल भेजा और स्क्वॉक कोड 7500 सेट किया, जो हाईजैक का कोड होता है। इजरायल के PM बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया था कि ओमानी को-पायलट हमद अल-हमामी ने कैप्टन पर हमला कर विमान गिराने की कोशिश की। मामले की जांच जारी है।

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