
Rama Devi Sahu
21 days ago
*आयुष: क्षण एकोपि सर्वरत्नैर्न लभ्यते।* *नायते तद् वॄथा येन प्रामाद: सुमहानहो।।* यदि आप अपने सारे रत्न भी त्याग दें, तो भी बीते हुए समय का एक भी क्षण वापस नहीं आएगा। ऐसे में, जो लोग समय बर्बाद कर रहे हैं, वे कितनी बड़ी गलती कर रहे हैं! लेकिन समय बर्बाद करने का अर्थ हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग होता है! (जो काम एक व्यक्ति के लिए समय का सही उपयोग हो, वही दूसरे के लिए समय की बर्बादी हो सकती है!) Very soothing song. Please listen it in the peaceful atmosphere 🙏
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!
