
Rama Devi Sahu
328 days ago
"ब्रह्मा मुरारी त्रिपुरांतकारी भानु शशि भूमि सुतो बुधश्च । गुरुश्च शुक्र शनि राहु केतव सर्वे ग्रहा शांति करा भवंतु॥" यह एक नवग्रह शांति मंत्र है, जिसका अर्थ है "हे ब्रह्मा (सृष्टिकर्ता), हे मुरारी (विष्णु, पालनकर्ता), और हे त्रिपुरांतकारी (शिव, संहारक) - आप, सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु - सभी ग्रह मेरी शांति और भलाई करें"। यह मंत्र नवग्रहों की कृपा और शांति प्राप्त करने तथा नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए गाया जाता है।

Comments (2)

Radhe Radhe
Oct 7, 2025
🌹🌹 गुड मॉर्निंग सुप्रभात शुभ मंगलवार।। सुबह सवेरे की राम-राम *_*जी बहन जी*_*प्रभु श्री राम भगवान की कृपा दृष्टि सदैव आप और आपके परिवार पर बनी रहे//" आपका दिन हर क्षण_ हर_ लम्हा_ हर_पल! खुशियों से भरा रहे!! वेरी नाइस पोस्ट जी!!🌹🌹
