
Srikumar महाराज🇮🇳☸️
19 days ago
1 राहु चतुर्थ भाव में: यह आत्मा किसी अधूरे घर में मरी थी। अब यह घर नहीं, शांति खोजती है। इसलिए इनके घर होते हैं मगर "घर" की अनुभूति नहीं होती। विशेष उपायः प्रतिदिन ध्यान लगाएं और माता का आशीर्वाद लें। 2 राहु पंचम भाव में: यह आत्मा अपने ही बच्चों की आत्मा दुःख रही है। इनके प्रेम या संतान-संबंध कर्मिक पुनर्मिलन होते हैं - अधूरे रिश्ते का अंत नहीं, दोहराव होता है। विशेष उपायः संतान की सेवा करें और भगवान कृष्ण की आरराधना करें। राहु षष्ठ भाव में: यह आत्मा अपने ही कर्मी से लड़ रही है। पिछले जन्म का किया हुआ अन्याय अब बीमारी या संघर्ष के रूप में सामने आता है। विशेष उपायः सेवा करें, दान दें और हनुमान चालीसा का पाठ करें।

Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!
