
Rama Devi Sahu
161 days ago
वृंदावन- संत परंपरा में जहां संत प्रेमानंद जी महाराज के समक्ष हर व्यक्ति जमीन पर बैठकर दर्शन करता है, वहीं आज एक अलग ही भावपूर्ण दृश्य देखने को मिला, जब देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उनके आश्रम पहुंचीं संत प्रेमानंद जी महाराज ने परंपरा से हटकर राष्ट्रपति को अपने सामने सम्मानपूर्वक कुर्सी पर बैठाया, यह दृश्य केवल एक मुलाकात नहीं बल्कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की गरिमा के प्रति उनके गहरे सम्मान को दर्शाता है आध्यात्म और मर्यादा के इस संगम में यह संदेश साफ दिखा कि संत होने के बावजूद भी राष्ट्र और उसके पदों की प्रतिष्ठा सर्वोपरि है, और यही भारतीय संस्कृति की सबसे सुंदर पहचान है👏👏👌🏼🥰🥰👏👏👌🏼
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