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Rama Devi Sahu

160 days ago

⚜️प्रभु जगन्नाथ के अपूर्व रूप🙏🏻 ⭕‼️⭕ ⚜️नीलाचल के शिखर से झांकता दिव्य प्रकाश, जग के नाथ, जगन्नाथ, तुम हो हर श्वास का विश्वास। तुम्हारी विशाल आँखों में अनंत ब्रह्मांड समाया, हर भक्त ने तुम्हें अपने हृदय में बसाया।🙏🏻 ✨काले काष्ठ में छिपा उज्ज्वल तेज तुम्हारा, दिखता सरल, पर गहरा है स्वरूप तुम्हारा। न हाथ पूरे, न चरणों का पूरा आकार, फिर भी तुमसे ही चलता सारा संसार। ✨तेरे रूप में छिपा है सृष्टि का हर राज, तू ही है आरंभ, तू ही अंत का साज। मंद-मंद मुस्कान से देते हो आश्रय, हर पीड़ा में बन जाते हो स्नेहिल उपश्रय। ✨रथ पर बैठ जब निकलते हो नगर में, भक्त उमड़ पड़ते हैं प्रेम के सागर में। “जय जगन्नाथ” की गूंज से भर जाता गगन, हर मन झूम उठता, मिट जाता है हर शमन। ✨तुम्हारा अपूर्व रूप समझ से परे है, हर दर्शन में नई लीला खड़ी है। कभी बालक, कभी विश्वरूप विशाल, हर रूप में दिखते हो दया के भंडार। ✨तुम्हारे चरणों में शांति का बसेरा, तुम्हारी कृपा से कटता हर अंधेरा। भक्तों की पुकार तुम तक पहुँचती हर बार, तुम ही हो जीवन का सच्चा आधार। ✨हे प्रभु जगन्नाथ, कर दो ऐसी कृपा अपार, हर हृदय में बसो बनकर प्रेम का सार। तुम्हारा रूप रहे सदा आँखों में बसा, जीवन का हर क्षण बने तुम्हारा ही दासा।🥀🙏🏻

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