
Rama Devi Sahu
20 days ago
जीव सेवा करें… कैसे भी करें 🙏 निःस्वार्थ से करें, स्वार्थ से करें! लोभ से करें या लालच से करें! प्रेम से करें या आदत से करें…!! पर एक बात मत छोड़िए—करते रहिए… बस करते रहिए 🚩 क्योंकि सेवा का आरंभ चाहे किसी भी भाव से हो,लेकिन धीरे-धीरे वही सेवा मन को बदल देती है,,स्वार्थ से निःस्वार्थ की ओर ले जाती है,,लालच से प्रेम की ओर ले जाती है। आज अगर आप किसी की मदद “किसी कारण” से कर रहे हैं,तो कल वही सेवा आपके भीतर करुणा, दया और सच्चे प्रेम का दीप जला देगी। 🌿 सेवा का बीज छोटा हो सकता है पर उसका फल बहुत विशाल होता है। ➡️ एक रोटी देना... ➡️ एक शब्द से किसी का मन रखना.... ➡️ एक जरूरतमंद का सहारा बनना... ये छोटी-छोटी सेवाएं ही जीवन को महान बनाती हैं। इसलिए मत सोचिए कि भाव कैसा है… बस इतना सोचिए कि किसी के जीवन में आज आप क्या अच्छा कर सकते हैं। क्योंकि अंत में…सेवा ही साधना बन जाती है और साधना ही जीवन को परमात्मा तक पहुंचा देती है।
Comments (2)

Pannalal panchal पंजी पांचाल लोहार ब्यावर राजस्थान
Oct 5, 2026
धन्यवाद बहुत ही ज्ञान वर्धक वीडियो बनाने वाले धन्य बतलाने वाले
