MyMandirInstall
Profile

Rama Devi Sahu

20 hours ago

*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 10 अक्टूबर 2026* *⛅दिन - शनिवार* *⛅विक्रम संवत् - 2083* *⛅अयन - दक्षिणायण* *⛅ऋतु - शरद* *⛅मास - आश्विन* *⛅पक्ष - कृष्ण* *⛅तिथि - अमावस्या रात्रि 09:19 तक तत्पश्चात् प्रतिपदा* *⛅नक्षत्र - हस्त रात्रि 09:42 तक तत्पश्चात् चित्रा* *⛅योग - इन्द्र रात्रि 10:02 तक तत्पश्चात् वैधृति* *⛅राहुकाल - सुबह 09:18 से सुबह 10:46 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 06:22* *⛅सूर्यास्त - 06:06 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - पूर्व दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:44 से प्रातः 05:33 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 11:50 से दोपहर 12:37 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 11:49 से मध्यरात्रि 12:38 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - सर्वपितृ दर्श अमावस्या का श्राद्ध, अज्ञात मृत्यु वालों का श्राद्ध, महालय श्राद्ध समाप्त* *🌥️विशेष - अमावस्या, श्राद्ध और व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* *✨ निर्वाणप्रकरणे 📜* *🔴 वाल्मीकिजी📜 बोले, हे भरद्वाज! जब वशिष्ठजी🙏 इस प्रकार रामजी से कह चुके तब आकाश☁️ में जो सिद्ध और देवता👼 स्थित थे फूलों🌸 की वर्षा🌧️ करने लगे-मानो मेघ बरफ की वर्षा करते हैं अथवा आकाश कम्पायमान हुआ है उससे तारे गिरते हैं-जब वे पुष्पों की वर्षा कर चुके तब राजा👑 दशरथ उठ खड़े हुए और अर्ध्य पाद्य दे और पूजन कर हाथ जोड़ के कहने लगे कि* *🔴 हे मुनीश्वर! बड़ा कल्याण😇 और बड़ा हर्ष हुआ जो तुम्हारे प्रसाद से हम आत्म पद को प्राप्त होकर कृतकृत्य🎯 हुए | चित्त🧠 का वियोग हुआ है इससे दृश्य फुरने का भी अभाव हुआ है और हम अचित्, चिन्मात्र✨ हैं | अब हम परमपद को प्राप्त हुए हैं और हमारे सबसन्ताप मिट गये | संसाररूपी जो अन्धमार्ग था उससे थके हुए अब हम विश्रान्ति😌 को प्राप्त हुए हैं |* *🔴 अब मैं पहाड़⛰️ की नाईं अचल हुआ हूँ, सब आपदा से तर गया हूँ और जो कुछ जानना था सो जान रहा हूँ |* *🔴 हे मुनीश्वर! तुमको बहुत युक्ति से दृष्टान्त देकर जगाया है अर्थात् शून्य के दृष्टान्त, सीपी🐚 में रूपा, मृगतृष्णा का जल💧, रस्सी➰ में सर्प🐍 आकाश में दूसरा चन्द्रमा🌕 और नाव⛵ पर नदी के किनारों का चलते भासना जल में तरंग〰️, स्वर्ण🟡 में भूषण, वायु🌬️ का फुरना, गन्धर्वनगर, संकल्पपुर💭 आदि दृष्टान्त कहे हैं जिनसे हमने तुम्हारी कृपा से जाना है कि आत्मसत्ता🌟 से कुछ भिन्न नहीं |* *🔴 वाल्मीकिजी बोले कि जब इस प्रकार दशरथ कह चुके तब रामजी उठे और हाथ जोड़कर इस प्रकार कहने लगे कि हे मुनीश्वर! तुम्हारी कृपा से मेरा मोह नष्ट हुआ है | अब मैं परम पद को प्राप्त हुआ हूँ, किसी में मुझको न राग है और न द्वैष है और परम शान्ति🕊️ को प्राप्त हुआ हूँ | न अब मुझे किसी के करने से अर्थ है और न करने में कुछ अनर्थ है-मैं परमशान्तपद को प्राप्त हुआ हूँ |* *🔴 हे मुनीश्वर! तुम्हारे वचनों🗣️ को स्मरण करके मैं आश्चर्य😲 को प्राप्त होकर हर्षित होता हूँ | मेरे सब सन्देह नष्ट हो गये हैं और अब मुझको और नहीं भासता सर्व ब्रह्म🕉️ ही भासता है |* *🔴 लक्ष्मण बोले, हे भगवन् | मैं सन्तों🧘‍♂️ के वचन इकट्ठे करता रहा था और सम्पूर्ण जो मेरे पुण्य थे सो अब इकट्ठे हुए थे जिन सबका फल🍎 अब उदय हुआ है | तुम्हारी कृपा से अब मैं सर्वसंशयों से रहित होकर परम पद को प्राप्त हुआ हूँ | तुम्हारे वचन चन्द्रमा की किरणों के समान शीतल हैं किन्तु उनसे भी अधिक हैं इससे मैंने परम शान्ति पाई है और मेरे दुःख सन्ताप सब नष्ट हुए हैं |* *🔴 शत्रुघ्न बोले, हे मुनीश्वर! जगत्🌍 और मृत्यु💀 का जो भय था वह तुमने दूर किया है और अपने अमृतरूपी वचनों का सुधापान कराया है | अब हमारे संशय सब नष्ट हुए हैं और हम आत्मपद को प्राप्त हुए हैं हमारे जो चिरकाल⏳ के पुण्य थे उनका फल आज पाया है |* *🙏🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩🙏*

Post mediaPost media

Comments (2)

Jaganath  Singh

Jaganath Singh

Oct 10, 2026

Jai Jai Shree Ram Ji 🙏 Jai Shree Hanuman Ji 🙏 Jai shree sani dev ji 🙏

sanjeev kohli ॐ 🔱 ॐ 🙏🌹🚩

sanjeev kohli ॐ 🔱 ॐ 🙏🌹🚩

Oct 10, 2026

जय शनि देव🌸 जय हनुमान करो कल्याण 🌸 ॐ शिव ॐ 🔱🙏🌹🚩