
Rama Devi Sahu
239 days ago
मेरे मन के मंदिर में, बस बाल गोपाल विराजो, खेल-खेल में ही प्रेम सिखा दो, और जीवन मेरा साँवारो। जब भी देखूँ तुझे कन्हैया, ममता मेरी उमड़ आए, इस भक्त पर भी थोड़ी सी, अपनी प्यारी नज़र बरसाए।
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