
Rama Devi Sahu
219 days ago
मेरे मन के मंदिर में, बस बाल गोपाल विराजो, खेल-खेल में ही प्रेम सिखा दो, और जीवन मेरा साँवारो। जब भी देखूँ तुझे कन्हैया, ममता मेरी उमड़ आए, इस भक्त पर भी थोड़ी सी, अपनी प्यारी नज़र बरसाए।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!
