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Rohit Patel

343 days ago

🍁🛕🌺👏🕉️👏🌺🛕🍁 🔱हर हर महादेव घर घर महादेव 🙏 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🌈 *दिनांक - 22 सितम्बर 2025* 🌈 *दिन - सोमवार* 🌈 *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)* 🌈 *शक संवत -1947* 🌈 *अयन - दक्षिणायन* 🌈 *ऋतु - शरद ॠतु* 🌈 *मास - आश्विन* 🌈 *पक्ष - शुक्ल* 🌈 *तिथि - प्रतिपदा 23 सितम्बर रात्रि 02:55 तक तत्पश्चात द्वितीया* 🌈 *नक्षत्र - उत्तराफाल्गुनी सुबह 11:24 तक तत्पश्चात हस्त* 🌈 *योग - शुक्ल शाम 07:59 तक तत्पश्चात ब्रह्म* 🌈 *राहुकाल - सुबह 07:58 से सुबह 09:29 तक* 🌈 *सूर्योदय - 06:28* 🌈 *सूर्यास्त - 06:33* 🕉️⏭️ *दिशाशूल - पूर्व दिशा मे* 🚩 *व्रत पर्व विवरण - आश्विन-शारदीय नवरात्र प्रारंभ,घट-स्थापन* ✨ *विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा पेठा) न खाएं क्योकि यह धन का नाश करने वाला है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)* 🍁 *नवरात्रि पूजन विधि* 🍁 ⏩ *22 सितम्बर 2025 सोमवार से नवरात्रि प्रारंभ ।* 🙏🏻 *नवरात्रि के प्रत्येक दिन माँ भगवती के एक स्वरुप श्री शैलपुत्री, श्री ब्रह्मचारिणी, श्री चंद्रघंटा, श्री कुष्मांडा, श्री स्कंदमाता, श्री कात्यायनी, श्री कालरात्रि, श्री महागौरी, श्री सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। यह क्रम शारदीय शुक्ल प्रतिपदा को प्रातःकाल शुरू होता है। प्रतिदिन जल्दी स्नान करके माँ भगवती का ध्यान तथा पूजन करना चाहिए। सर्वप्रथम कलश स्थापना की जाती है।* ⏩ *कलश / घट स्थापना विधि* ⚜️ *घट स्थापना शुभ मुहूर्त (सुरत) *22 सितम्बर 2025 सोमवार को सुबह 06:27 से सुबह 08:17 तक* ⏩ *घट स्थापना अभिजित मुहूर्त - दोपहर 12:07 से दोपहर 12:55 तक* 🙏🏻 *देवी पुराण के अनुसार मां भगवती की पूजा-अर्चना करते समय सर्वप्रथम कलश / घट की स्थापना की जाती है। घट स्थापना करना अर्थात नवरात्रि की कालावधि में ब्रह्मांड में कार्यरत शक्ति तत्त्व का घट में आवाहन कर उसे कार्यरत करना । कार्यरत शक्ति तत्त्व के कारण वास्तु में विद्यमान कष्टदायक तरंगें समूल नष्ट हो जाती है। धर्मशास्त्रों के अनुसार कलश को सुख-समृद्धि, वैभव और मंगल कामनाओं का प्रतीक माना गया है। कलश के मुख में विष्णुजी का निवास, कंठ में रुद्र तथा मूल में ब्रह्मा स्थित हैं और कलश के मध्य में दैवीय मातृशक्तियां निवास करती हैं।* ⚜️ *सामग्री:* 🕉️⏭️ *जौ बोने के लिए मिट्टी का पात्र* 🕉️⏭️ *जौ बोने के लिए शुद्ध साफ़ की हुई मिटटी* 🕉️⏭️ *पात्र में बोने के लिए जौ* 🕉️⏭️ *घट स्थापना के लिए मिट्टी का कलश (“हैमो वा राजतस्ताम्रो मृण्मयो वापि ह्यव्रणः” अर्थात 'कलश' सोने, चांदी, तांबे या मिट्टी का छेद रहित और सुदृढ़ उत्तम माना गया है । वह मङ्गलकार्योंमें मङ्गलकारी होता है )* 🕉️⏭️ *कलश में भरने के लिए शुद्ध जल, गंगाजल* 🕉️⏭️ *मौली (Sacred Thread)* 🕉️⏭️ *इत्र* 🕉️⏭️ *साबुत सुपारी* 🕉️⏭️ *दूर्वा* 🕉️⏭️ *कलश में रखने के लिए कुछ सिक्के* 🕉️⏭️ *पंचरत्न* 🕉️⏭️ *अशोक या आम के 5 पत्ते* 🕉️⏭️ *कलश ढकने के लिए ढक्कन* 🕉️⏭️ *ढक्कन में रखने के लिए बिना टूटे चावल* 🕉️⏭️ *पानी वाला नारियल* 🕉️⏭️ *नारियल पर लपेटने के लिए लाल कपडा* 🕉️⏭️ *फूल माला* continue part 1of 2 जी... 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

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Comments (6)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Sep 22, 2025

Aap ka Massage Jo Comment me Hai, Bahut Aache hai...is Jankariyan ke liye Aap ko Bahut Bahut Dhanyawad 🙏 Jii 🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Sep 22, 2025

🙏🌺 Om Sarva Mangal Mangalye Shive Sarvarth Sadhike Sharanya Trayambake Gouri Narayani Namostute 🙏🌺🌺

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Sep 22, 2025

Sharadiya Navaratri Pehle Din ki Hardik Shubhkamnaye ke Sath Suprabhat Jii 🙏 Mata Rani ki Aasirbad Aap or Aap ke Pure Parivar pr Hamesha Banaye Rakhe 🙏 Aap ka Kalyan Ho 🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Sep 22, 2025

🙏🔱 Har Har Mahadev 🔱🙏🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️

Balraj Sethi Balraj Sethi

Balraj Sethi Balraj Sethi

Sep 22, 2025

Om Namo Shivay Har Har Mahadev Jai Shiv Shanker Maa Parvati Ji Ki.🙏🏻🍁

Rohit  Patel

Rohit Patel

Sep 21, 2025

part 2of 2 continue... जी ⚜️ *विधि* 🙏🏻 *सबसे पहले जौ बोने के लिए मिट्टी का पात्र लें। इस पात्र में मिट्टी की एक परत बिछाएं। अब एक परत जौ की बिछाएं। इसके ऊपर फिर मिट्टी की एक परत बिछाएं। अब फिर एक परत जौ की बिछाएं। जौ के बीच चारों तरफ बिछाएं ताकि जौ कलश के नीचे न दबे। इसके ऊपर फिर मिट्टी की एक परत बिछाएं। अब कलश के कंठ पर मौली बाँध दें। कलश के ऊपर रोली से ॐ और स्वास्तिक लिखें। अब कलश में शुद्ध जल, गंगाजल कंठ तक भर दें। कलश में साबुत सुपारी, दूर्वा, फूल डालें। कलश में थोडा सा इत्र डाल दें। कलश में पंचरत्न डालें। कलश में कुछ सिक्के रख दें। कलश में अशोक या आम के पांच पत्ते रख दें। अब कलश का मुख ढक्कन से बंद कर दें। ढक्कन में चावल भर दें। श्रीमद्देवीभागवत पुराण के अनुसार “पञ्चपल्लवसंयुक्तं वेदमन्त्रैः सुसंस्कृतम्। सुतीर्थजलसम्पूर्णं हेमरत्नैः समन्वितम्॥” अर्थात कलश पंचपल्लवयुक्त, वैदिक मन्त्रों से भली भाँति संस्कृत, उत्तम तीर्थ के जल से पूर्ण और सुवर्ण तथा पंचरत्न मई होना चाहिए।* 🙏🏻 *नारियल पर लाल कपडा लपेट कर मौली लपेट दें। अब नारियल को कलश पर रखें। शास्त्रों में उल्लेख मिलता है: “अधोमुखं शत्रु विवर्धनाय,ऊर्ध्वस्य वस्त्रं बहुरोग वृध्यै। प्राचीमुखं वित विनाशनाय,तस्तमात् शुभं संमुख्यं नारीकेलं”। अर्थात् नारियल का मुख नीचे की तरफ रखने से शत्रु में वृद्धि होती है।नारियल का मुख ऊपर की तरफ रखने से रोग बढ़ते हैं, जबकि पूर्व की तरफ नारियल का मुख रखने से धन का विनाश होता है। इसलिए नारियल की स्थापना सदैव इस प्रकार करनी चाहिए कि उसका मुख साधक की तरफ रहे। ध्यान रहे कि नारियल का मुख उस सिरे पर होता है, जिस तरफ से वह पेड़ की टहनी से जुड़ा होता है।* 🙏🏻 *अब कलश को उठाकर जौ के पात्र में बीचो बीच रख दें। अब कलश में सभी देवी देवताओं का आवाहन करें। "हे सभी देवी देवता और माँ दुर्गा आप सभी नौ दिनों के लिए इसमें पधारें।" अब दीपक जलाकर कलश का पूजन करें। धूपबत्ती कलश को दिखाएं। कलश को माला अर्पित करें। कलश को फल मिठाई अर्पित करें। कलश को इत्र समर्पित करें।* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 ⚜️ *कलश स्थापना के बाद माँ दुर्गा की चौकी स्थापित की जाती है।* 🙏🏻 *नवरात्रि के प्रथम दिन एक लकड़ी की चौकी की स्थापना करनी चाहिए। इसको गंगाजल से पवित्र करके इसके ऊपर सुन्दर लाल वस्त्र बिछाना चाहिए। इसको कलश के दायीं ओर रखना चाहिए। उसके बाद माँ भगवती की धातु की मूर्ति अथवा नवदुर्गा का फ्रेम किया हुआ फोटो स्थापित करना चाहिए। मूर्ति के अभाव में नवार्णमन्त्र युक्त यन्त्र को स्थापित करें। माँ दुर्गा को लाल चुनरी उड़ानी चाहिए। माँ दुर्गा से प्रार्थना करें "हे माँ दुर्गा आप नौ दिन के लिए इस चौकी में विराजिये।" उसके बाद सबसे पहले माँ को दीपक दिखाइए। उसके बाद धूप, फूलमाला, इत्र समर्पित करें। फल, मिठाई अर्पित करें।* 🙏🏻 *नवरात्रि में नौ दिन मां भगवती का व्रत रखने का तथा प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती का पाठ करने का विशेष महत्व है। हर एक मनोकामना पूरी हो जाती है। सभी कष्टों से छुटकारा दिलाता है।* 🙏🏻 *नवरात्रि के प्रथम दिन ही अखंड ज्योत जलाई जाती है जो नौ दिन तक जलती रहती है। दीपक के नीचे "चावल" रखने से माँ लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है तथा "सप्तधान्य" रखने से सभी प्रकार के कष्ट दूर होते है* 🙏🏻 *माता की पूजा "लाल रंग के कम्बल" के आसन पर बैठकर करना उत्तम माना गया है* 🙏🏻 *नवरात्रि के प्रतिदिन माता रानी को फूलों का हार चढ़ाना चाहिए। प्रतिदिन घी का दीपक (माता के पूजन हेतु सोने, चाँदी, कांसे के दीपक का उपयोग उत्तम होता है) जलाकर माँ भगवती को मिष्ठान का भोग लगाना चाहिए। मान भगवती को इत्र/अत्तर विशेष प्रिय है।* 🙏🏻 *नवरात्रि के प्रतिदिन कंडे की धुनी जलाकर उसमें घी, हवन सामग्री, बताशा, लौंग का जोड़ा, पान, सुपारी, कर्पूर, गूगल, इलायची, किसमिस, कमलगट्टा जरूर अर्पित करना चाहिए।* 🙏🏻 *लक्ष्मी प्राप्ति के लिएउ नवरात्रि में पान और गुलाब की ७ पंखुरियां रखें तथा मां भगवती को अर्पित कर दें* 🙏🏻 *मां दुर्गा को प्रतिदिन विशेष भोग लगाया जाता है। किस दिन किस चीज़ का भोग लगाना है ये हम विस्तार में आगे बताएँगे।* 🙏🏻 *प्रतिदिन कन्याओं का विशेष पूजन किया जाता है। श्रीमद्देवीभागवत पुराण के अनुसार “एकैकां पूजयेत् कन्यामेकवृद्ध्या तथैव च। द्विगुणं त्रिगुणं वापि प्रत्येकं नवकन्तु वा॥” अर्थात नित्य ही एक कुमारी का पूजन करें अथवा प्रतिदिन एक-एक-कुमारी की संख्या के वृद्धिक्रम से पूजन करें अथवा प्रतिदिन दुगुने-तिगुने के वृद्धिक्रम से और या तो प्रत्येक दिन नौ कुमारी कन्याओं का पूजन करें। किस दिन क्या सामग्री गिफ्ट देनी चाहिए ये भी आगे बताएँगे।* 🙏🏻 *यदि कोई व्यक्ति नवरात्रि पर्यन्त प्रतिदिन पूजा करने में असमर्थ हैं तो उसे अष्टमी तिथि को विशेष रूप से अवश्य पूजा करनी चाहिए। प्राचीन काल में दक्ष के यज्ञ का विध्वंश करने वाली महाभयानक भगवती भद्रकाली करोङों योगिनियों सहित अष्टमी तिथि को ही प्रकट हुई थीं।* 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏