MyMandirInstall
Profile

Rama Devi Sahu

137 days ago

ये कहानी वृंदावन की है। एक औरत जो कि लड्डू गोपाल की बहुत बड़ी भक्त थी। वो खूब मन से बाल गोपाल की नित्य सच्चे मन से सेवा करती थी। वो हर दिन सुबह उठकर स्नान करके कान्हा जी को स्नान कराकर उनके वस्त्र बदलती। उन्हें चंदन का तिलक लगाकर उन्हें फल,मिसरी या लड्डू जिस दिन उसके पास जो कुछ भी होता उससे उनका भोग लगाती। लल्ला को भोग लगाकर ही वो खुद कुछ खाती। फ़िर शाम में भी उनका आरती कर उन्हें भोग लगती। पूरे दिन मन में हमेशा उनका नाम लेते रहती । एक क्षण भी ऐसा नहीं होता जिसमें वो अपने कान्हा को याद नहीं करती हो। एक दिन सुबह से उसे बहुत तेज हिचकी आ रही थी और वो बंद ही नहीं हो रही थी जिसके कारण वो बहुत परेशान थी। तभी अचानक उसकी बेटी उससे मिलने आ गई और उसके वहां आते ही उसकी हिचकी ठीक हो गई। बेटी ने मां का हाल चाल पूछा तो उसकी मां ने कहा ऐसे तो सब ठीक है मेरे लड्डू गोपाल के कृपा से, लेकिन पता नहीं आज सुबह से मुझे बहुत तेज़ हिचकी आ रही थी जो रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी। उसकी बेटी ने कहा अरे मां तेरी हिचकी तो मेरी वज़ह से आ रही थी क्योंकि आज सुबह से मैं तुम्हें बहुत याद कर रही थी और इसलिए मेरे आते ही तुम्हारी हिचकी ठीक हो गई। मां ने पूछा ऐसा सच में होता है क्या, बेटी ने कहा हां मां ऐसा ही होता है अगर किसी को कोई बहुत मन से याद करता है तो इस वजह से उसे तेज हिचकी आती है। अब तो वो औरत बहुत परेशान हो गई कि मैं तो दिन रात हर पल हर क्षण अपने गोपाल को याद करते रहती हूं।ये मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई मेरी इस गलती कि वजह से मेरे उस छोटे से लड्डू गोपाल को कितनी हिचकी हो रही होगी। वो ज़ोर ज़ोर से रोने लगी और कहने लगी मुझे माफ़ करना मेरे लल्ला मेरी वजह से तुम्हें कितना कष्ट उठाना पड़ा होगा।वो मेरा छोटा सा लल्ला हिचकी कर कर के परेशान हो गया होगा।वो कहने लगी हे भगवान मुझसे अनजाने में ये कितनी बड़ी गलती हो गई। अगर आपको कथा संग्रह की पोस्ट पसंद आती है तो आज ही सब्सक्राइब करें कथा संग्रह वो भगवान से अपने गलती के लिए बार बार क्षमा मांगने लगी।अब उसने मन में ये निश्चय कर लिया कि वो अब कभी लड्डू गोपाल को याद नहीं करेगी। उसके इस निश्चय से भगवान बहुत परेशान हो गए। कई दिन बीत गए लेकिन वो अब लड्डू गोपाल को कभी मन से याद नहीं करती थी। लेकिन अब वो हमेशा दुखी और बीमार रहने लगी। एक दिन वो सो रही थी कि उसे लगा कोई उसका पैर के पास खड़ा होकर उससे कह रहा है कि मैया तुमने मुझे याद करना क्यों छोड़ दिया। तुमने मुझे याद करना छोड़ दिया तो मैं ही तुमसे मिलने आ गया। तुम्हारा प्रेम मुझे तुम्हारे पास खींच लाया है मैया उठो और जैसे मेरी सेवा करती थी और जैसे हर क्षण मुझे याद करती थी फ़िर से मुझे उसी तरह प्रेम करो मैया अब और नहीं रहा जाता तुम्हारे बिना। ऐसा सुनते ही वो औरत जैसे ही आँखें खोलती है देखती है कि साक्षात् बांके बिहारी जी उसके समक्ष खड़े हैं। उन्हें देखते ही वो उनके चरणों से लगकर रोने लगी और कहने लगी अहो भाग्य मेरे प्रभु जो आप मुझ गरीब के द्वार पर पधारे। अब वो नित्य प्रति जैसे भगवान की सेवा करती थी वो उसने फ़िर से शुरू कर दिया। इस कहानी से यही प्रेरणा मिलती है कि भगवान सदैव प्रेम के भूखे हैं । उन्हें अगर आप प्रेम से जो कुछ भी बोलते हैं तो वो जरूर आपकी सुनते हैं। वो परम पिता परमात्मा सदैव हम सब के भीतर निवास करते हैं। प्रेम से बोलो वृंदावन बिहारी लाल की जय हो 🙏जय जय श्री राधे 🙏

Post media

Comments (5)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Apr 15, 2026

Radhey radhey Jii 🌹🌹

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Apr 15, 2026

Radhey Radhey ❤️ Jai Shree Krishna 🙏 Subha Dopahar Jii 🌹🌹