
Rohit Patel
335 days ago
ॐ शिवगोरक्ष योगी आदेश🚩 ।। पगलु वाणी । २९-९-२०२५ किसी भी देश और समाज को सही दिशा दिखाने की जिम्मेदारी परिवार के बुजुर्ग, संत समाज और ज्ञानियो की होती है, क्योंकि उनके पास अनुभव का ज्ञान युवाओं से अधिक है । और इनकी बताये दिशा-मार्ग में चल कर देश और समाज को उन्नत करने का कार्य युवाओं का है, क्योंकि उनमें बुजुर्गों से शक्ति और सामर्थ्य अधिक है । जब दोनों मिल जाये तो देश, धर्म और समाज की उन्नति को कोई नही रोक सकता ये अटल सत्य है । पुरानी घटनाओं को अपना अनुभव मान कर भविष्य का निर्माण करे । सनातन में हमेशा सभी का स्वागत रहा है, संसार मे एक मात्र सनातन धर्म ही है जो शांति और अपनत्व का संदेश देता है । सनातन धर्म मे ही समस्त विश्व के प्राणियों के कल्याण की कामना की जाती है, सनातन धर्म में ही विश्व शांति की प्राथना होती है । पर शांति का अर्थ ये नही कि कोई हिंसक पशु आप पर या आपके परिवार पर घात करे, और आप सत्य अहिंसा प्यारा है यही हमारा नारा है बोलेंगे, तो क्या वो शांत हो जाएगा वार करेगा ही करेगा । उसके हमले से बचने के लिए आपको प्रतिउत्तर में उस पर भी वार करना होगा, तभी आप और आपका परिवार सुरक्षित हो पायेगा । मजहब नही सिखाता आपस मे बेर करना, सही है पर शांति और प्रेम तभी संभव है जब दोनों पक्ष चाहे या फिर बल से शांति कायम होती है । अंत मे एक बात अगर प्रिय पशु भी पागल हो जाता है तो उसे गोली मार दी जाती है । ईश्वर की दृष्टि में मातृभूमि, धर्म, समाज, परिवार, नारी, आत्मजन, गौ की रक्षा और आत्मरक्षा करने में हत्या का दोष नही लगता । अब भी नही जागे तो समझ लेना आप मृत हो चुके हो, शरीर मात्र जीवित है आत्मा मर चुकी है ।। अगर जिंदा हो तो कुछ कर के दिखा धर्म के मार्ग पर चल कर दिखा । पूर्वजो के कर्म को ध्यान में रख कर पगलु उनके जैसा तू बनके दिखा ।। शिवगोरक्ष कल्याण करे । शिवशक्ति भक्ति, शक्ति, मुक्ति, सद्बुद्धि दे । भैरव उस्ताद सदा सहाय ।। आदेश🚩 आदेश 🚩


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