
Srikumar महाराज🇮🇳☸️
221 days ago
*स्त्रियों का कुंकू* एक कहानी है कि एक वन अधिकारी ने जंगल में एक कॉर्टेज में अपनी नवविवाहिता पत्नी के साथ रहने लगे। उसकी पत्नी को ब्लीडिंग की समस्या हो गई, रक्त नहीं रुक रहा था, डॉक्टर ने कहा कि बस कुछ दिन का साथ है। वह हताश हो गया था। एक पगड़ीधारी बुजुर्ग ने उससे कहा कि तुम्हारी पत्नी बीमार है, मैं कहता हूं वही करो। वन अधिकारी ने सोचा कि चलो कुछ तो करना ही होगा। बुजुर्ग ने केले लाने को कहा। उन्होंने केले लाए। एक केला छीलकर उसमें पिंजर (हल्दी का कुंकू) डाला और उस केले को उसकी पत्नी को खाने को दिया। ऐसा २-३ बार किया गया। ब्लीडिंग रुक गई और दो दिन में उसकी पत्नी घर के काम में लग गई। कहानी सुनने के बाद मेरे मन में विचार आया कि पहले से ही हमारी संस्कृति में महिलाओं को कुंकू लगाने की परंपरा रही है। कपाळ पर कुंकू लगाने से एक्यूप्रेशर के पिच्युटरी ग्लैंड का पॉइंट एक्टिवेट होता है और हार्मोन सिक्रीशन ठीक होता है। इससे पहले महिलाओं को मासिक धर्म की समस्या कम होती थी। मैंने हल्दी के कुंकू का टिंचर बनाकर होम्योपैथी पद्धति से उसे सूक्ष्म करके शक्कर बनाई और मासिक धर्म की समस्या से पीड़ित महिलाओं को दी। ३-४ महीने में उनकी मासिक धर्म सामान्य हो गई। कुंकू की गोलियां बनाकर दीं, ४ दिन बाद होने वाला रक्तस्राव रुक गया। हमारे पूर्वजों ने महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए कुंकू लगाने की परंपरा को अपनाया था। कुंकू हल्दी से बनाया जाना चाहिए। टिकली लगाने से कोई फायदा नहीं होता। जो महिलाएं कुंकू लगाने में संकोच करती हैं, वे रात में सोने से पहले कुंकू को पानी में मिलाकर औषधि के रूप में लगा सकती हैं। कुंकू शुद्ध होना बहुत जरूरी है। शुद्ध कुंकू कैसे पहचाने - १] कुंकू को सूंघने पर हल्दी की महक आती है। २] थोड़ा कुंकू हाथ पर लेकर उस पर गीला चूना रगड़ने पर काला रंग आता है और अगर रंग मिलावट वाला होगा तो लाल रंग रहेगा। *बांगडी, पैंजण और जोडवी केवल सौभाग्य के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद हैं।* *बांगडी पहनने के फायदे:* १) बांगडी मनगट पर घिसने से हाथ का रक्त संचार बढ़ता है। २) यह घर्षण ऊर्जा उत्पन्न करता है जिससे अशक्तता महसूस नहीं होती। ३) बांगडी पहनने से श्वास और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा कम होता है। ४) बांगडी पहनने से मानसिक संतुलन अच्छा रहता है। ५) टूटी हुई बांगडी नहीं पहननी चाहिए, इससे नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। *जोडवी पहनने के फायदे:* १) विवाहित महिलाएं पांव की तीन उंगलियों में जोडवी पहनती हैं। यह आभूषण केवल श्रृंगार की वस्तु नहीं है। २) दोनों पैरों में जोडवी पहनने से शरीर की हार्मोनल सिस्टम ठीक से काम करती है। ३) जोडवी पहनने से थायराइड का खतरा कम होता है। ४) जोडवी एक्यूप्रेशर उपचार पद्धति पर काम करती हैं जिससे शरीर के निचले अंगों की मज्जासंस्था और मांसपेशियां मजबूत होती हैं। ५) जोडवी पहनने से एक विशिष्ट रक्त वाहिनी पर दबाव पड़ता है जिससे गर्भाशय को रक्त की आपूर्ति बनी रहती है। *पैंजण पहनने के फायदे:* १) पैंजण पांव से निकलने वाली शारीरिक विद्युत ऊर्जा को शरीर में संरक्षित रखता है। २) पैंजण महिलाओं के पेट और उनके शरीर के निचले भाग की चर्बी कम करने में मदद करता है। ३) वास्तुशास्त्र के अनुसार पैंजण की ध्वनि से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। ४) चांदी के पैंजण से पांव का घर्षण होने से पांव की हड्डी मजबूत होती है। ५) पांव में पैंजण पहनने से महिलाओं की इच्छा शक्ति मजबूत होती है। ६) पांव में सोने के पैंजण नहीं पहनने चाहिए। इससे शारीरिक उष्णता का संतुलन बिगड़ सकता है और बीमारियां हो सकती हैं।

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