
Rama Devi Sahu
362 days ago
🙏‼️ Om Namo Bhagavate Vasudevaya Namah ‼️🙏 Dt.03.09.2025 (Wednesday) **************************** 🙏🌹 Aap Sabhi ko Parivartini Ekadashi ki Hardik Shubhkamnaye 🙏🌹 *एकादशी के दिन चावल और अन्न का सेवन वर्जित क्यूँ है ?* सनातन धर्म में कई प्रकार के व्रत और त्योहारों के माध्यम से मनुष्यों के नैतिक उत्थान का मार्ग बताया गया है। इन सबमें एकादशी व्रत का महात्म्य सबसे ज्यादा है। हर वर्ष में 24 एकादशी (हर महीने दो एकादशी) आती हैं। Aadhik Maas या मलमास में इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाती है। धर्माचार्यों के अनुसार एकादशी के व्रत में चावल और अन्न खाने की मनाही है। आइए जानते हैं कि आखिर एकादशी व्रत के दिन चावल और अन्न को क्यों वर्जित बताया गया है? *एकादशी के दिन चावल को बिल्कुल वर्जित माना गया है। चावल नहीं खाना एकादशी नियमों में शामिल होता है और ऐसी मान्यता है कि जो इस दिन चावल खाता है, वह इंसान योनि से अलग होकर उसका जन्म रेंगने वाले जीव की योनि में होता है। *एक पौराणिक कथा के अनुसार माता शक्ति के क्रोध से बचने के लिए महर्षि मेधा ने शरीर का त्याग कर दिया और उनका अंश पृथ्वी में समा गया। चावल और जौ के रूप में महर्षि मेधा उत्पन्न हुए इसलिए चावल और जौ को जीव माना जाता है।* *जिस दिन महर्षि मेधा का अंश पृथ्वी में समाया, उस दिन एकादशी तिथि थी। इसलिए एकादशी के दिन चावल खाना वर्जित माना गया। मान्यता है कि एकादशी के दिन चावल खाना महर्षि मेधा के मांस और रक्त का सेवन करने जैसा है।* अब जानते हैं क्यूँ वर्जित है एकादशी के दिन अन्न... 18 पुराणों में सर्वाधिक महत्वपूर्ण पद्मपुराण के चौदहवें अध्याय में एकादशी की व्याख्या व्यासदेव ने जैमिनी ऋषि के समक्ष की है। *व्यासजी के अनुसार समस्त भौतिक जगत की उत्पत्ति करते हुए परम पुरुष भगवान विष्णु ने पापियों को दण्डित करने के लिए पाप का मूर्तिमान रूप लिए एक व्यक्तित्व की रचना की। इसे पापपुरुष के रूप में पहचाना गया। पापपुरुष के दोनों हाथ और दोनों पांव की रचना अनेकों पाप कर्मों से की गई। वहीं इस पापपुरुष को नियंत्रित करने के लिए यमराज की उत्पत्ति अनेक नरकीय ग्रह प्रणालियों की रचना के साथ हुई।* *वे जीवात्माएं जो अत्यंत पापी होती हैं उन्हें यमराज के पास भेज दिया जाता है जिससे यमराज, जीव को उसके पापों के भोगों के अनुसार नरक में पीड़ित होने के लिए भेज देते हैं। इस प्रकार जीवात्माएं अपने कर्मों के अनुसार सुख और दुख भोगने लगीं।* *इधर इतनी सारी जीवात्माओं को नरक में कष्ट भोगते देख जगद्पालक विष्णु को भी बुरा लगने लगा। तब उनकी सहायतावश भगवान ने अपने स्वयं के स्वरूप से पाक्षिक एकादशी के रूप को अवतरित किया। इस कारण एकादशी एक चंद्र पक्ष के पंद्रहवें दिन उपवास करने के व्रत का व्यक्तिकरण है। इस प्रकार एकादशी और भगवान श्री विष्णु अलग-अलग नहीं हैं।* *वहीं जब विभिन्न पापकर्मी जीवात्माएं एकादशी व्रत का नियम पालन करने लगीं और इसकी वजह से उन्हें तुरंत ही बैकुंठ धाम की प्राप्ति होने लगी तब पापपुरुष को अपने अस्तित्व पर ही संकट दिखलाई देने लगा।* *वह भगवान विष्णु के समीप पहुंचा और प्रार्थना करते हुए बोला,'हे प्रभु, मैं आपके द्वारा निर्मित आपकी ही कृति हूं और मेरे माध्यम से ही आप घोर पापकर्मों वाले जीव को अपनी इच्छा से पीडि़त करते हैं, परन्तु अब एकादशी के प्रभाव से मेरा ह्रास हो रहा है।* *आप कृपा करके मेरी रक्षा करें। मुझे ऐसा कोई स्थान ज्ञात नहीं है जहां मैं एकादशी के भय से मुक्त रह सकूं। हे प्रभो, कृपा कर मुझे ऐसे स्थान का पता बताएं जहां मैं निर्भीक होकर वास कर सकूं।'* *पापपुरुष की स्थिति पर विचार करते हुए भगवान विष्णु ने कहा, 'हे पापपुरुष, उठो, अब और शोकाकुल मत हो, केवल सुनो और मैं तुम्हें बताता हूं कि तुम एकादशी के पवित्र दिन पर कहां निवास करते हो।* *एकादशी का दिन जो त्रिलोक में लाभ देने वाला है, उस दिन तुम अन्न जैसे खाद्य पदार्थ की शरण में जा सकते हो। अब तुम्हारे पास शोकाकुल होने का कोई कारण नहीं है, क्योंकि मेरे ही स्वरूप में श्री एकादशी देवी अब तुम्हें अवरोधित नहीं करेंगी।* *पापपुरुष को आश्वासन देने के बाद भगवान श्री विष्णु अंतर्ध्यान हो गए। भगवान विष्णु के निर्देशानुसार संसार भर में जितने भी पापकर्म पाए जा सकते हैं, वे सब इन (अनाजों में) खाद्य पदार्थों में निवास करते हैं, इसलिए वे मनुष्य जो कि जीवात्मा के आधारभूत लाभ के प्रति सजग होते हैं वे कभी एकादशी के दिन अन्न नहीं ग्रहण करते हैं।* 🙏 श्रीहरि शरणं मम: 🙏
Comments (16)

Rama Devi Sahu
Sep 3, 2025
Bahut bahut Dhanyawad Jii 🙏 Bhagwan ki Aasirbad Aap pr Sadeib Bani Rahe 🙏 Aap ka Din or Raat Subha Mangalmay Ho 🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu
Sep 3, 2025
Aap ko bhi Parivartini Ekadashi ki Hardik Shubhkamnaye 🙏 Shri Hari Vishnu ebm Mata Lakshmi Ji ki Aasirbad se Aap ka Har Manokamna Purna Ho 🙏 Aap ka Ratri Sukhd or Mangalmay Ho 🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu
Sep 3, 2025
Om Shree Ganeshay Namah 🙏 Mangal Kamanayen ke Sath Subha Ratri Jii 🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu
Sep 3, 2025
Comment Dene ke liye Bahut Bahut Dhanyawad Jii 🙏 Parivartini Ekadashi ki Hardik Shubhkamnaye ke Sath Subha Ratri Jii 🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu
Sep 3, 2025
🙏‼️ Om Namo Bhagavate Vasudevaya Namah ‼️🙏 Subha Ratri Jii 🙏 Bhagwan ki Aasirbad Aap pr Sadeib Bani Rahe 🙏 🌹🌹

Rama Devi Sahu
Sep 3, 2025
Aap ko Parivartini Ekadashi ki Hardik Shubhkamnaye 🙏 Dhanyawad 🙏🙏

Rama Devi Sahu
Sep 3, 2025
Hari Om 🙏 Subha Ratri Jii 🙏 Bhagwan Shri Hari Vishnu ebm Mata Lakshmi Ji ki Aasirbad Aap pr Sadeib Bani Rahe 🙏🌹🌹

Saumya Sharma
Sep 3, 2025
बहुत ही सुन्दर, ज्ञान से परिपूर्ण रचना, अति उत्तम पोस्ट है बहना जी 👌👌👌 धन्यवाद 🙏🌹☺️

Saumya Sharma
Sep 3, 2025
आपको परिवर्तिनी एकादशी व्रत की हार्दिक शुभकामनाएं बहना जी 🙏🌹☺️
