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*आरोग्य विषयक टिप्स* जगात ज्यांचे पोट साफ ते जीवनात जास्त काळ सुखी राहतात। उनके लिए कई उपाय भी हैं। भोजन के समय के उपाय छोड़कर अन्य उपाय संभवतः रात को सोते समय २ दिन करें। - भोजन करते समय शेंगदाणा/तीळ चटनी खाएं। - हरी मिरचियों का बार्यापैकी लसून मिठ घालून केलेला ठेचा खाकर भी पोट साफ रख सकते हैं। - काकडी, बीट, पानाकोबी कोशिंबीर खाएं। - भोजन के बाद बडीशोप, ओवा, तीळ युक्त मिश्रण चर्वण करें। - अपचन होने पर जुलाब होते हैं, ढेकर आते हैं। त्रिफळा चूर्ण १ चमचा किवा पतंजली दिव्या उदरकल्प चूर्ण १/२ चमचा अथवा उसके १-२ गोली कोमट पानी के साथ लें। - ओवा दातों को मंजन लगाने जितना चावकर खाएं। - भाकरी पर लाल चटनी तेल डालकर खाएं। - एरंडेल १ चमचा लें। - मधून मधून कच्चे लसन की १-२ कली चावकर तुरंत कोमट पानी पीने से गेसेस जाकर पोट भी साफ होता है। - सुबह पाव लिंबू फोड़ी पर थोड़ा साधा / काला मीठ डालकर कोमट पानी में पिलाकर वह पानी खाली पोट में लेकर पोट साफ होता है। *पोट के अंदर की आंत साफ करने के घरेलू उपाय* - पालेभाज्या, कच्ची कोशिंबीरी, कभी कभी, चपाती के बजाय भाकर्‍या, विशेषतः नाचणी की खाएं। - भरपूर पानी पिएं, व्यवस्थित नींद लें। - व्यायाम करें। - हफ्ते में एक बार अेरंड तेल का छोटा चमचा सोते समय लें। - रोज भोजन के बाद एक ग्लास ताजा बनाया हुआ ताक, उसमें चमचाभर जिरेपूड, धनिया पूड और काला मीठ डालकर पिएं। मल नरम होता है। - आपके मल में दुर्गंध नहीं रहेगी। - शौच के बाद हल्का महसूस होता है। - गैसेस की मात्रा कम होती है। - ढेकर आना बंद होता है। - ताजे ताक को पृथ्वी का अमृत माना जाता है। - केवल ताक पीकर कुछ दिन रहने से, संपूर्ण शरीर को पंचकर्म होने के परिणाम मिलते हैं। - त्वचा को तेज मिलता है। - आपका निरोगी आंत आपके निरोगी शरीर का आधार है। - दुर्भाग्य से कुछ लोग अन्न के बारे में अत्यधिक संवेदनशील होते हैं और आहार में बदलाव से उन्हें पाचन संस्थान के रोग होते हैं। - रोग प्रतिकारक शक्ति बनाने वाली 70 प्रतिशत कोशिकाएं आंत के अस्तर में होती हैं। - खराब आहार, तनाव, पर्यावरण और अन्न में विषारी पदार्थ पाचन संस्थान को हानि पहुंचा सकते हैं। - इसलिए आपके आंत की काळजी लेना बहुत जरूरी है ताकि पाचन संस्थान पर अतिरिक्त दबाव न पड़े। - इसके लिए, अपने आहार में कुछ पदार्थों का समावेश करें जो आंत द्वारा आपके शरीर के विषारी पदार्थों को निकालने के लिए प्रतिदिन उपयोग करने वाले पानी का उपयोग करें, जिससे त्रासदायक आंत कम होंगे। - व्यायाम करें और दिनभर योगासने करें, जिससे पोट के अंदर की आंत कम होगी। - फाइबर युक्त आहार लें, जैसे कि फल, सब्जियां, अन्न, और धान। - दिन में ८-१० ग्लास पानी पिएं। - रोज कम से कम २ ताजे फलों का सेवन करें, सेब और केला ये दो फल वर्षभर उपलब्ध होते हैं। - रात को सोते समय १ कप देशी गाय का दूध १ चमचा देशी गाय के घी के साथ लें। - सुबह १ ग्लास कोमट पानी लिंबू और शहद के साथ लें। - दिनभर में कम से कम ४५ मिनट कोई भी व्यायाम करें, चलना/साइकिलिंग / जिम / एरोबिक्स/ सीढ़ी चढ़ना।

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