
Rama Devi Sahu
131 days ago
*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 21 अप्रैल 2026* *⛅दिन - मंगलवार* *⛅विक्रम संवत् - 2083* *⛅अयन - उत्तरायण* *⛅ऋतु - ग्रीष्म* *⛅मास - वैशाख* *⛅पक्ष - शुक्ल* *⛅तिथि - पंचमी मध्यरात्रि 01:19 तक तत्पश्चात् षष्ठी* *⛅नक्षत्र - मृगशिरा रात्रि 11:58 तक तत्पश्चात् आर्द्रा* *⛅योग - शोभन दोपहर 12:31 तक तत्पश्चात् अतिगण्ड* *⛅राहुकाल - दोपहर 03:38 से शाम 05:14 से तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 06:01* *⛅सूर्यास्त - 06:50 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - उत्तर दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:32 से प्रातः 05:17 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:00 से दोपहर 12:51 (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:03 से मध्यरात्रि 12:48 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - श्री आद्य शंकराचार्य जयंती, सूरदास जयंती* *🌥️विशेष - पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* 🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩 *🌻 जीवन में जितनी-जितनी भीतर से निर्भीकता आती है उतनी-उतनी कार्य में सफलता मिलती है।* *🌻 प्राणिमात्र में परमात्मा को निहारने का अभ्यास करके शुद्ध अन्तःकरण का निर्माण करना यह शील है। यह महा धन है। स्वर्ग की संपत्ति मिल जाए, स्वर्ग में रहने को मिल जाए, लेकिन वहाँ ईर्ष्या है, पुण्यक्षीणता है, भय है। जिसके जीवन में शील होता है उसको ईर्ष्या, पुण्यक्षीणता या भय नहीं होता। शील आभूषणों का भी आभूषण है।* *🌻परम मंगल तो गुरु की कृपा से ही होता है, बिल्कुल पक्की बात है। मेरा तो क्या, मेरे जैसे अऩेक संतों का अनुभव है।* 🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩
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