
Rama Devi Sahu
305 days ago
साँवरे,मिलने की आस बंधाये रखना कृपा का खजाना लुटाए रखना मेरी देह कहीं भी रहे "प्यारे मेरे मन को वृन्दावन में बसाये रखना !चौपाईयां मात-पिता जग के हैं पालक। धन्य जन्म से उनके बालक॥ मान-सम्मान जो कर पावै। सुख-संपति जीवन में आवै। किन्तु आज की संतति चंचल। भूल गए सब ममता के पल॥ करे अपमान रुतबा पावै। जगत शांति सुख वे कब पावै। बिना आशीष जीवन सूना। लगे कष्ट विपदा में दूना। मात-पिता मान जहाँ छूटे। दुःख-संताप सब तब फूटे। ताते संतति सब सिखलावें। करें सम्मान शीश नवावैं। मात-पिता चरण करो सेवा। निश्चय जग में मिलता मेवा। ..🙏🙏🌹🙏🙏..

Comments (2)

Rama Devi Sahu
Oct 29, 2025
Ji Namaste 🙏 Jai Jagannath Swami Nayan Path Gami Bhava Tume 🙏 Subha Sandhya Jii 🙏🌹🌹

Maharshi Maharshi
Oct 29, 2025
very nice 👍
