
Rama Devi Sahu
149 days ago
*卐~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~卐* *🌞 दिनांक - 03 अप्रैल 2026* *⛅दिन - शुक्रवार* *⛅विक्रम संवत् - 2083* *⛅अयन - उत्तरायण* *⛅ऋतु - वसंत* *⛅मास - वैशाख* *⛅पक्ष - कृष्ण* *⛅तिथि - प्रतिपदा सुबह 08:42 तक तत्पश्चात् द्वितीया* *⛅नक्षत्र - चित्रा शाम 07:25 तक तत्पश्चात् स्वाती* *⛅योग - व्याघात दोपहर 02:09 तक तत्पश्चात् हर्षण* *⛅राहुकाल - सुबह 10:57 से दोपहर 12:30 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 06:18* *⛅सूर्यास्त - 06:43 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - पश्चिम दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:45 से प्रातः 05:31 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:05 से दोपहर 12:55 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:07 से मध्यरात्रि 12:53 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - गुड फ्राइडे* *🌥️विशेष - द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* *🔹गर्मियों में स्वास्थ्य-सुरक्षा हेतु🔹* *✅ क्या करें ?* *🔸 १] गर्मी के कारण जिनको सिरदर्द व कमजोरी होती है वे लोग सूखा धनियां पानी में भिगा दें और घिसके माथे पर लगायें । इससे सिरदर्द और कमजोरी दूर होगी ।* *🔸 २] नाक से खून गिरता हो तो हरे धनिये अथवा ताजी कोमल दूब (दूर्वा) का २ – २ बूँद रस नाक में डालें । इससे नकसीर फूटना बंद हो जायेगा ।* *🔸 ३] सत्तू में शीतल जल, मिश्री और थोडा घी मिलाकर घोल बनाके पियें । यह बड़ा पुष्टिा दायी प्रयोग है । भोजन थोडा कम करें ।* *🔸 ४] भोजन के बीच में २५ – ३५ मि. ली. आँवले का रस पियें । ऐसा २१ दिन करें तो ह्रदय व मस्तिष्क की दुर्बलता दूर होगी । ( शुक्रवार व रविवार को आँवले का सेवन वर्जित है ।)* *🔸 ५] २० मि. ली. आँवला रस, १० ग्राम शहद, ५ ग्राम घी – सबका मिश्रण करके पियें तो बल, बुद्धि, ओज व आयु बढ़ाने में मदद मिलती है ।* *🔸 ६] मुँह में छाले पड गये हों तो त्रिफला चूर्ण को पानी में डाल के कुल्ले करें तथा मिश्री चूसें । इससे छाले शांत हो जायेंगे ।* *❌ क्या न करें ?* *🔸 १] अति परिश्रम, अति कसरत, अति रात्रि-जागरण, अति भोजन व भारी भोजन नहीं करें । भोजन में लाल मिर्च व गर्म मसालों का प्रयोग न करें ।* *🔸 २] गर्मियों में दही भूल के भी नहीं खाना चाहिए । इससे आगे चल के नस-नाड़ियों में अवरोध उत्पन्न होता है और कई बीमारियाँ होती हैं । दही खाना हो तो सीधा नहीं खायें, पहले उसे मथ के मक्खन निकाल लें और बचे हुए भाग को लस्सी या छाछ बना के मिश्री मिला के या छौंक लगा के सेवन करें । ध्यान रहे, दही खट्टा न हो ।* *🔸 ३] बाजारू शीतल पेयों से बचें । फ्रिज का पानी न पियें । धूप में से आकर तुरंत पानी न पियें ।* *🔸 ४ ] अति मैथुन से बुढापा जल्दी आयेगा, कमजोरी जल्दी आयेगी । अत: इससे दूर रहें | ग्रीष्म ऋतू में विशेषरूप से संयम रखें ।* *🌞🚩🚩 *" ll जय श्री राम ll "* 🚩🚩🌞*
Comments (2)

Rama Devi Sahu
Apr 3, 2026
🌹🌹 Radhey Radhey 🌷 Ji Shukriya 🌹🌹

Sanjay Ahlawat
Apr 3, 2026
हिंदू पंचांग के लिए धन्यवाद शुभ दोपहर भगवान शिव आपको खुश और स्वस्थ रखें 🙏
