
Rama Devi Sahu
1 hours ago
*हमारा जीवन एक वृक्ष के समान है। हम जन्म लेते हैं, बढ़ते हैं और एक दिन नष्ट हो जाते हैं। प्रश्न यह नहीं कि हम कितने दिन जीये, मूल सत्य यह जानना है कि हमने कितने लोगों को शीतलता दी, कितने लोगों को सुगंध दी, कितने लोगों को फल दिए?* *इसी प्रकार हमारे जीवन का अंकुरित होना व नष्ट होना प्रकृति के वश में है। लेकिन हमारे जीवन की सार्थकता उसका सदुपयोग करते हुए प्राणीमात्र को शीतलता, सुगंध व परोपकार का फल देने में है।* 🏵️🏵️🌳🌳🌳🌳🌳🏵️🏵️ *किसी ने कहा कि आप बहुत अच्छे हैं...* *मैंने कहा कोई काम है तो सीधे ही बता दीजिये!* *(आज के जमाने मेंवरना अच्छाई भला किसको दिखाई देती है?)* 🏵️🏵️🌳🌳🌳🌳🌳🏵️🏵️ *जिंदगी आसान नहीं है....* *क्योंकि अगर झूठ कहो तो अंतरात्मा दुखती है और सच कहो तो दुनिया को बुरा लगता है!!* 🏵️🏵️🌳🌳🌳🌳🌳🏵️🏵️ *है तुझे नाराज़गी मां बाप के अंदाज से,* *सब समझ आ जायेगा, औलाद हो जाने के बाद!!* 🏵️🏵️🌳🌳🌳🌳🌳🏵️🏵️ *हैसियत कम मगर अरमान बहुत हैं,* *जिसको भी देखो यहाँ परेशान बहुत है।* *सुना था नेकी करोगे तो दुनिया जानेगी,* *पर आजकल लुटेरों की पहचान बहुत है।* *🙏नमस्कार ☕ शुभप्रभात m🙏*
Comments (1)

R k jangid phulera Jaipur
Sep 8, 2026
जय सियाराम जी 🙏
