MyMandirInstall
Profile

Rama Devi Sahu

2 days ago

*भगवान राम के जीवन में भी ऐसा समय आया ज़ब उन्हें राजमहल छोड़कर वन जाना पड़ा। उनके पास सबकुछ था, सामर्थ्य थी लेकिन उन्होंने पिता के वचन को निभाने को प्राथमिकता दी। न उन्होंने किसी से कोई शिकायत की, न अपने भाग्य को दोष दिया। राम ने हर परिस्थिति को धैर्य और मर्यादा के साथ स्वीकार किया। श्रीराम के जीवन से हमें तीन बड़ी सीख मिलती हैं।* *परिस्थिति कैसी भी हो अपने संस्कार मत छोड़ो।* *कठिन समय में धैर्य रखना ही सच्ची ताकत है।* *जो अपने वचनों का सम्मान करता है, वही सबके हृदय में स्थान पाता है।* *अर्थात जीवन में अगर बड़ा बनना है तो केवल सफल होना ही काफ़ी नहीं, अपने चरित्र को भी महान बनाओ। धन और पद छिन सकते हैं लेकिन अच्छे संस्कार सदैव आपकी पहचान बने रहते हैं।* 🌹🌹🌹🍁🍁🍁🌹🌹🌹 *समस्या यह नहीं कि सच बोलने वाले कम हो रहे हैं,* *बल्कि वास्तविकता यह है कि सिर्फ मर्जी का सच सुनने वालों की तादाद बढ़ रही है।* 🌹🌹🌹🍁🍁🍁🌹🌹🌹 *आँख में पड़ा तिनका, पैर घुसा कांटा और रुई में दबी आग...* *इनसे भी ज़्यादा भयानक है दिल में छिपा कपट और पाप!!* 🌹🌹🌹🍁🍁🍁🌹🌹🌹 *पत्थरों के शहर में कच्चे मकान कौन रखता है....* *आजकल हवा के लिए रोशनदान कौन रखता है...!* *अपने घर की कलह से फुरसत मिलें तो सुनें....* *आजकल पराई दीवार पर ‘कान’ कौन रखता है...!* *खुद ही पंख लगाकर उड़ा देते हैं चिड़ियों को...* *आज कल परिंदों में अपनी ‘जान’ कौन रखता है...!* *हर चीज मुहैया है मेरे शहर में किश्तों पर....* *आजकल हसरतों पर लगाम कौन रखता है...!* *बहलाकर छोड़ आते हैं वृद्धाश्रम में मां-बाप को..* *आजकल घर में पुराना सामान कौन रखता है...!* *सबको दिखता है दूसरों में इक बेईमान इंसान..* *खुद के भीतर मगर अब ईमान कौन रखता है.!* *फिजूल की बातों पे सभी करते हैं वाह - वाह....* *अच्छी बातों के लिये अब जुबान कौन रखता है...!* धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो प्राणियोंमें सदभावनाहो,विश्वका कल्याणहो विजयदशमी की हार्दिक शुभकामनायें। *🙏नमस्कार 🙏*

Comments (0)

No comments yet. Be the first to comment!