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Rama Devi Sahu

330 days ago

🍚💐🌺🏵️🌼 शरद पूर्णिमा 💐🌺🏵️🌼🍚 🍚 इस रात खीर बनाने एवम् खाने का भी परंपरा है// 🍚 📝 दशहरे से शरद पूर्णिमा तक चंद्रमा की चांदनी में विशेष हितकारी किरणें होती हैं। इनमें विशेष रस होते हैं। इन दिनों में चंन्द्रमा की चांदनी का लाभ लेने से वर्ष भर मानसिक और शारीरिक रूप से स्वास्थ्य अच्छा रहता है। इस बार शरद पूर्णिमा 6 अक्टूबर सोमवार को मनाई जाएगी । इस रात कुछ खास बातों का भी ध्यान रखना चाहिए । जिससे खीर को दिव्य औषधि बनाया जा सकता है । इस खीर विशेष तरह से खाने पर इसका फायदा भी मिलेगा । 🍚 कैसे खाए खीर शरद पूर्णिमा पर अश्विनी कुमार के साथ यान अश्विनी नक्षत्र पूर्ण 16 कलाओं से युक्त होता है। चंद्रमा की ऐसी स्थिति साल में एक बार ही बनती है। वही ग्रंथों के अनुसार अश्विनी कुमार देवताओं के वैद्य है। इस रात चंद्रमा के साथ अश्विन कुमार की भी खीर का भोग लगाना चाहिए । चंद्रमा की चांदनी में खीर रखना चाहिए और अश्विनी कुमार से प्रार्थना करना चाहिए ,कि हमारी इन्द्रियों का बल ओज बढ़ाएं । जो भी इन्द्रियां शिथिल हो, गयी हों।। उनको पुष्ट करें । ऐसी प्रार्थना करने के बाद फिर वह खीर खाना चाहिए //🍚 🍚 खीर बनाने की विधि शरद पूर्णिमा पर बनाई जाने वाली खीर* मात्र एक व्यंजन नहीं होती है। ग्रंथों के अनुसार ये एक दिव्य औषधि होती है। इस खीर को गाय के दूध और गंगा जल के साथ ही अन्य पूर्ण सात्विक चीजों के साथ बनाना चाहिए । अगर संभव हो *तो ये खीर चांदी के बर्तन में बनाएं । इसे गाय के दूध में चावल डालकर ही बनाएं । ग्रंथों में चावल को हविष्य अन्न थानी* *देवताओं का भोजन बताया गया है। महालक्ष्मी भी चावल से प्रसन्न होती है*। इसके साथ ही केसर गाय का घी, और अन्य तरह के सूखे मेवे का उपयोग !भी इस खीर में करना चाहिए । संभव हो तो इसे चंद्रमा की रोशनी में ही बनाना चाहिए।🍚 🍚 चन्द्रमा का महत्व चंद्रमा मन और जल का कारक ग्रह माना गया है। चंद्रमा का घटती और बढ़ती अवस्था से ही मानसिक और शारीरिक उतर चढ़ाव आते हैं। अमावस्या और पूर्णिमा को चंद्रमा के विशेष प्रभाव से समुंद्र में ज्वार भाटा आता है। जब चन्द्रमा इतने बड़े दिगम्बर समुद्र में उथल पुथल कर विशेष कयामत कर देता है। तो हमारे शरीर के जलीय अंश सप्त धातु और सप्त रंग पर भी चंद्रमा का विशेष सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।🌹 🍚 क्या करें ,और क्या नहीं , 🥣 शरद पूर्णिमा की रात सुई में धागा, पिरोने का अभ्यास करने की भी परंपरा है। इसके पीछे कारण ये है। कि सूर्य में धागा डालने की कोशिश में चंद्रमा की ओर एकटक देखना पड़ता है। जिससे चन्द्रमा की सीधी रोशनी आंखों में पड़ती है । इसमें नेत्र ज्योति बढ़ती है।🌹 🥣 शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा को अर्ध्य देने से अस्थमा *या* दमा रोगियों की तकलीफ कम हो जाती है ।🚩 🥣 शरद पूर्णिमा के चंद्रमा की चांदनी गर्भवती महिला की नाभि पर पड़े ,तो गर्भ पुष्ट होता है । 🥣 शरद पूर्णिमा की चांदनी का महत्व ज्यादा है।। इस रात चंद्रमा की रोशनी में चांदी के बर्तन में रखी, खीर _का सेवन करने से हर तरह का शारीरिक परेशानियां दूर जाती है।।। 🥣 इन दिनों में काम व्यर्थ बातों से बचने की कोशिका करनी चाहिए। उपवास व्रत तथा सत्संग करने से तन तंदुरुस्त, मन प्रसन्न और बुद्धि प्रखर होती है।। 🥣 शरद पूर्णिमा की तामसिक भोजन और ,हर _तरह के नशे से बचना चाहिए । चंद्रमा मन का स्वामी होता है। इस लिए कोशिश करने से* नकारात्मक और आशा बढ़ जाती है।। ््््््ॐ कहानी अच्छी लगी, तो आगे जरूर भेजिए।🙏 🙏🙏🔻 धन्यवाद🔻🙏🙏

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Comments (6)

Radhe Radhe

Radhe Radhe

Oct 4, 2025

🙏🙏🙏🙏🙏

Radhe Radhe

Radhe Radhe

Oct 4, 2025

🌹🌹 शुभ दोपहर,शुभ शनिवार, जय शनि देव भगवान, जय बजरंगबली शनि प्रदोष की हार्दिक शुभकामनाएं। शनि देव भगवान और बजरंगबली की कृपा आप पर सदैव बनी रहे। (*_जी _बहन _जी*) ््््््ॐ।🌹🌹

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Oct 4, 2025

Jai jai Shani Dev 🙏 Subha Shanivar Subah ki Ram Ram Jii 🙏 Bhagwan Shri Shani Dev Ji ki Aasirbad Aap pr Sadeib Bani Rahe 🙏 Aap ka Din Subha Mangalmay Ho 🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Oct 4, 2025

Dhanyawad 🙏 Ram Ram Jii 🙏 Aap ka Din Subha Mangalmay Ho 🙏🌹🌹

chandrkant  upadhyay

chandrkant upadhyay

Oct 4, 2025

बहुत अच्छी जानकारी है