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Rama Devi Sahu

288 days ago

माना जाता है कि इसी दिन श्री कृष्ण के मुख से गीता का जन्म हुआ था। आइए गीता के बारे में कुछ और बातें जानते हैं। ★ भारतीय साहित्य में गीता को पहली बार विजयुलाइज़ तरीके से लिखा गया है। यानी दो लोग दूर-दूर बैठकर पूरी घटना का वर्णन करते हैं। गीता में किया गया यह पहला ऐसा साहित्यिक प्रयोग है। ★ गीता चार लोगों के बीच की बातचीत है, जिनमें से दो हस्तिनापुर में संजय और धुतराष्ट्र और कुरुक्षेत्र के मैदान में श्री कृष्ण और अर्जुन हैं। ★ यह दुनिया की पहली किताब है जिसका ज्ञान युद्ध के मैदान में दिया गया है। यह दुनिया की पहली और अनोखी घटना है जिसमें युद्ध के मैदान में इतनी बड़ी फिलॉसफी सामने आई है। ★ सिर्फ़ सात सौ श्लोकों में एक इंसान के बायोलॉजिकल रूप से नॉन-बायोलॉजिकल रूप तक के अद्भुत सफ़र का वर्णन किया गया है। ★ क्योंकि यह अद्भुत फिलॉसफी अर्जुन को गाकर दी गई थी, इसलिए इस ज्ञान को गीता यानी गीत या गीत के नाम से जाना जाता है। ★ गीता में दो बहुत ज़रूरी चैप्टर हैं जो कर्म योग और ध्यान योग के बारे में गहराई से बात करते हैं, जिसमें दूसरे चैप्टर में कर्म योग के बारे में बात की गई है और छठे चैप्टर में श्री कृष्ण के ज़रिए ध्यान करने का तरीका और विधि बताई गई है। ★ श्री कृष्ण ने युधिष्ठिर जैसे धर्मराज, भीष्म जैसे बुज़ुर्ग, द्रोण और कृपाचार्य जैसे विद्वान और द्रुपद जैसे बूढ़े और अमीर इंसान होने के बावजूद अर्जुन जैसे सीधे-सादे, जिज्ञासु और प्यारे दोस्त को यह सीक्रेट ज्ञान दिया। ★ आज के दिन यानी मोक्षदा एकादशी के दिन, माना जाता है कि यह गीता श्री कृष्ण ने आज के हरियाणा में कुरुक्षेत्र के मैदान में अर्जुन को दी थी। ★ यह पूरा ज्ञान वेद व्यास ने अनुष्टुप श्लोक में लिखा है जो महाभारत के भीष्म पर्व में आता है।

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