
Rama Devi Sahu
73 days ago
🙏🌺ॐ श्री गुरुभ्यो नमः🌺🙏 गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है, क्योंकि यह तिथि महर्षि वेद व्यास जी की स्मृति से जुड़ी है। आषाढ़ पूर्णिमा की तिथि को व्यास पूजा का दिन माना गया है, इसी दिन भगवान विष्णु जी के अंशावतार चिरंजीवी भगवान वेद व्यास जी का जन्म कालपी में यमुना नदी के एक द्वीप पर हुआ था। व्यास पूजा के पवित्र दिन संस्कृति के निर्माताओं का पूजन होता है। संस्कृति निर्माण का कार्य अलग-अलग ढंग से अनेक ऋषियों ने किया है। वेद व्यास जी की कृपा से ही आज संसार के लोगों को ‘श्रीमद् भगवद् गीता’ रूपी भगवान की अमृतवाणी सुलभ हुई है। भारतः पंचमो वेद उनके इस ग्रंथ को पांचवें वेद की उपमा भी प्राप्त हुई है। भगवान श्री कृष्ण स्वयं श्री गीता जी में कहते हैं ‘मुनीनामप्यहं व्यास:’, मुनियों में मैं वेदव्यास हूं।

Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!
