
Rama Devi Sahu
198 days ago
🍁🛕🌺👏🕉️👏🌺🛕🍁 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🌈 *दिनांक - 13 फरवरी 2026* 🌈 *दिन - शुक्रवार* 🌈 *विक्रम संवत 2082* 🌈 *शक संवत -1947* 🌈 *अयन - उत्तरायण* 🌈 *ऋतु - शिशिर ॠतु* 🌈 *मास - फाल्गुन ( गुजरात-महाराष्ट्र -माघ )* 🌈 *पक्ष - कृष्ण* 🌈 *तिथि - एकादशी दोपहर 02:25 तक तत्पश्चात द्वादशी* 🌈 *नक्षत्र - मूल शाम 04:12 तक तत्पश्चात पूर्वाषाढा* 🌈 *योग - वज्र 14 फरवरी रात्रि 03:23 तक तत्पश्चात सिद्धि* 🌈*राहुकाल - सुबह 11:27 से दोपहर 12:53 तक* 🌈 *सूर्योदय - 07:11* 🌈 *सूर्यास्त - 06:34* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🕉️⏭️ *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे* 🚩 *व्रत पर्व विवरण- विजया एकादशी,विष्णुपदी कुंभ -संक्रांति (पुण्यकाल: सूर्योदय से दोपहर 12:41 तक)* ✨ *विशेष - हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।* ✨ *आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l* ✨ *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।* ✨ *एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।* ✨ *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।*🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🍁 *विजया एकादशी* 🍁 ⏩ *13 फरवरी 2026 शुक्रवार को विजया एकादशी है।* 🕉️⏭️ *विजया एकादशी का व्रत करनेवाले को इस लोक में विजयप्राप्ति होती है और परलोक भी अक्षय बना रहता है।* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🍁 *शनिप्रदोष व्रत* 🍁 🙏🏻 *हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महिने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस बार 14 फरवरी, शनिवार को शनिप्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है।* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 ⚜️ *'मातृ–पितृ पूजन दिवस’ ज्योतिष की दृष्टि से* 🙏🏻 *अपने माता पिता का आदर करते और वेलेंटाईन डे का कचरा दिमाग में न रखें .....कि ये लोग मानते हैं तो हम भी मनाये... नहीं !! अपने माता पिता का पूजन करें.... बापूजी ने सहज में ऐसी सुन्दर सीख दी । हर साल जो 14 फरवरी को वेलेंटाईन डे मनाते हैं न ....मूर्ख लोग.... पर* 🙏🏻 *14 फरवरी के दिन अधिकांशतः सूर्य भगवान कुम्भ राशि पे होतें है । बिलकुल कोई पंडित इसको नकार नहीं सकता, लगभग अधिकांश 14 फरवरी को सूर्य भगवान कुम्भ राशि पे होतें हैं और कुम्भ राशि के स्वामी कौन हैं ? शनि देव । कुम्भ राशि के स्वामी शनि, शनि देव सूर्य भगवान के बेटे हैं । तो वो अपने पिता का खूब आदर करते और पिता की परिक्रमा करते हैं । तो जो 14 फरवरी के दिन वेलेंटाईन डे मनाते हैं न उनपे सूर्य भगवान और शनि देव दोनों नाराज़ होतें है भयंकर और 14 फरवरी के दिन बापूजी के कहे अनुसार जो माता पिता का पूजन करते हैं उनपे सूर्य भगवान और शनि देव दोनों खुश होते हैं .... क्यो कि उस दिन शनि देवता भी सूर्य भगवान की पूजा करते हैं और सूर्य भगवान की परिक्रमा करते हैं ।* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 ☀🏯!! श्री हरि: शरणम् !!🏯☀ 🍃🎋🍃🎋🕉️🎋🍃🎋🍃 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

Comments (8)

Radhe Radhe
Feb 13, 2026
‼️ शुभ शुक्रवार जय माता दी जय मां संतोषी माता दी,शुक्रवार, एवं विजया एकादशी सुबह की हार्दिक शुभकामनाएं।।‼️

R k jangid phulera Jaipur
Feb 13, 2026
जय श्री हरि विष्णु की शुभ प्रभात वंदन जी 🙏

Rama Devi Sahu
Feb 13, 2026
Ji Namaste 🙏 Shubha Shukravar or Vijaya Ekadashi Vrat ki Hardik Shubhkamnaye ke Sath Suprabhat Jii 🙏‼️ Hari Om Tat Sat ‼️🙏

Rama Devi Sahu
Feb 13, 2026
🙏‼️ Om Namo Bhagavate Vasudevaya Namah ‼️🙏 Subha Shukravar or Vijaya Ekadashi Vrat ki Hardik Shubhkamnaye ke Sath Suprabhat Jii ‼️🙏

Rama Devi Sahu
Feb 13, 2026
🙏‼️ Radhey Radhey ❤️ Jai Shree Krishna 🙏 Shubha Shukravar or Vijaya Ekadashi ki Hardik Shubhkamnaye ke Sath Suprabhat Jii ‼️🙏

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Feb 13, 2026
नमस्ते 🙏शुभ का राम कृष्ण हरि बोल 🙏विजय एकादशी की कथा: विजय एकादशी की कथा के अनुसार, एक बार भगवान विष्णु ने अपने भक्त राम को विजय एकादशी के दिन उपवास रखने का आदेश दिया था। राम ने विजय एकादशी के दिन उपवास रखा और भगवान विष्णु की पूजा की। इससे उन्हें रावण पर विजय प्राप्त हुई और उन्होंने लंका को जीत लिया। तभी से विजय एकादशी का महत्व बढ़ गया और लोग इस दिन उपवास रखने लगे।

प्रेम कुमार
Feb 13, 2026
🌹 ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नमः 🌹🌹 विजया एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं 🌹 शुभ प्रभात वंदन 🌹 आप का दिन मंगलमय हो बहना 🌹🌹

vijay kushwaha
Feb 13, 2026
jay sri radhe Krishna
