
Srikumar महाराज🇮🇳☸️
163 days ago
*प्राचीन गांठदार शिल्पकला - पत्थरों में गुँथा भारतीय कौशल 🪨* भारत की प्राचीन स्थापत्य परंपरा में गांठदार शिल्पकला एक अद्भुत कला रूप है, जिसमें पत्थरों पर ऐसे गुँथे हुए जाल और गांठ जैसे अलंकरण उकेरे जाते थे, जो निरंतरता और अनंतता का प्रतीक माने जाते हैं. यह शैली विशेष रूप से मंदिरों, स्तंभों और द्वारों की सजावट में दिखाई देती है. इन आकृतियों को बिना किसी टूटन के एक-दूसरे में गुंथा हुआ दर्शाया जाता है, जो शिल्पियों की असाधारण कल्पना और कौशल को प्रकट करता है. यह केवल सौंदर्य नहीं, बल्कि जीवन, प्रकृति और ब्रह्मांड की अखंडता का प्रतीकात्मक रूप भी है. यह शिल्प बताता है कि भारतीय कला में पत्थर भी दर्शन और अनंतता का माध्यम बन जाते हैं. *मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩*
Comments (2)

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Mar 20, 2026
hum se jyada jaante te unke margdarshan khud bhagwan karte te🙏

Rama Devi Sahu
Mar 20, 2026
Pehle Aadmi Itne Sundar Kala Kaushal Jante the, Sochne me Pare hai...!! Aashray bhi lagta hai...!!! Aaj Ye Sab Dekhne ke man me Garv Anubhav Ho raha hai...Sach me Mera Bharat Mahan hai 🇮🇳
