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Rama Devi Sahu

143 days ago

गौरी-सुवन गजानन देवा, प्रथम पूज्य तुम्हारी सेवा। अर्थ: हे माता गौरी के पुत्र (गौरी-सुवन) और हाथी के मुख वाले (गजानन) देव! समस्त देवों और मांगलिक कार्यों में आपकी सेवा और पूजा सबसे पहले (प्रथम पूज्य) की जाती है। भाव: हिंदू धर्म में परंपरा है कि किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणेश जी की वंदना से होती है ताकि कार्य निर्विघ्न संपन्न हो। यहाँ भक्त उनके जन्म (गौरी पुत्र) और उनके अद्वितीय स्वरूप को नमन कर रहा है। रिद्धि-सिद्धि के तुम हो स्वामी, विघ्न विनाशक अंतर्यामी॥ अर्थ: आप 'रिद्धि' (संपन्नता) और 'सिद्धि' (सफलता) के स्वामी हैं। आप जीवन के समस्त बाधाओं और संकटों को दूर करने वाले (विघ्न विनाशक) हैं और हर जीव के मन की बात जानने वाले (अंतर्यामी) हैं। भाव: गणेश जी केवल बाधाएं ही नहीं हटाते, बल्कि वे जीवन में आध्यात्मिक और भौतिक उन्नति भी प्रदान करते हैं। 'अंतर्यामी' कहकर भक्त यह स्वीकार कर रहा है कि प्रभु को कुछ बताने की आवश्यकता नहीं, वे स्वयं भक्त की पुकार और उसकी स्थिति को समझते हैं।

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Comments (4)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Apr 8, 2026

Ji Namaste 🙏 Subah ki Ram Ram Jii 🙏🌹🌹

R k jangid 

phulera Jaipur

R k jangid phulera Jaipur

Apr 8, 2026

जय श्री गणेश जी की शुभ संध्या वंदन जी🙏

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Apr 8, 2026

🙏‼️ Om Ganeshay Namah ‼️🙏 Subha Dopahar ki Radhey Radhey Jii 🌹🌹

Radhe  🌹

Radhe 🌹

Apr 8, 2026

Jai Ganpati Bappa Morya 🙏🌹 Good Afternoon Ji 🙏🙏