
Srikumar महाराज🇮🇳☸️
176 days ago
*माँ गंगा की डोली - हिमालय से जनमानस तक आस्था की यात्रा 🚩* उत्तराखंड में माँ गंगा की "डोली परंपरा" आस्था, परंपरा और प्रकृति के अद्भुत संगम का प्रतीक है. शीतकाल में जब गंगोत्री धाम के कपाट बंद होते हैं, तब माँ गंगा की डोली को विधिवत पूजा के साथ मुखीमठ (मुखवा गाँव) ले जाया जाता है, जहाँ शीतकालीन पूजा होती है. वहीं वसंत ऋतु में कपाट खुलने पर यही डोली पुनः गंगोत्री धाम लाई जाती है. इसे "उत्सव डोली" कहा जाता है. इस यात्रा में भक्तगण भजन, ढोल-नगाड़ों और "हर-हर गंगे" एवं "जय माँ गंगे" के जयघोष के साथ सम्मिलित होते हैं. यह परंपरा बताती है कि माँ गंगा केवल नदी नहीं, जीवन और आस्था की सतत धारा हैं. *मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩*
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