
प्रशांत कुमार मिश्रा
2 days ago
माँ गजलक्ष्मी की लगभग 1,300 साल पुरानी यह अद्भुत शिल्पकला आज भी भारतीय संस्कृति, आस्था और प्राचीन कलाकारों की असाधारण प्रतिभा की गवाही देती है। यह अद्भुत नक्काशी तमिलनाडु के महाबलीपुरम (मामल्लपुरम) स्थित वराह गुफा मंदिर में बनी 7वीं शताब्दी की प्रसिद्ध गजलक्ष्मी प्रतिमा को दर्शाती है। पल्लव राजवंश के संरक्षण में निर्मित इस शानदार ग्रेनाइट शिल्प में धन, समृद्धि और वैभव की देवी माँ लक्ष्मी को कमल के सिंहासन पर विराजमान दिखाया गया है। माँ लक्ष्मी के दोनों ओर चार महिला परिचारिकाएँ हाथों में जल से भरे कलश और पुष्प लिए खड़ी हैं। वहीं उनके ऊपर दो विशाल राजसी हाथी कलशों से पवित्र जल अर्पित करते हुए दिखाई देते हैं। यह दृश्य माँ लक्ष्मी के अभिषेक (जलाभिषेक) को दर्शाता है। यह प्राचीन नक्काशी शुद्धता, सौभाग्य, राजसी वैभव और समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है।🌻🌸🏵️🚩🙏

Comments (1)

R k jangid phulera Jaipur
Nov 1, 2026
अति सुंदर जय माता दी 🌹🙏
