
Rama Devi Sahu
339 days ago
*जगन्मातर्मातस्तव चरणसेवा न रचिता* *न वा दत्तं देवि द्रविणमपि* *भूयस्तव मया* | *तथापि त्वं स्नेहं मयि निरुपमं यत्प्रकुरुषे* *कुपुत्रो जायेत क्वचिदपि कुमाता न भवति* || *हे जगदम्ब माता* *मैंने आपकी चरणोंकी सेवा कभी नहीं की* , देवि आपको अधिक धन भी समर्पित नहीं किया; तथापि मुझ-जैसे अधमपर जो आप अनुपम स्नेह करती हो, इसका कारण यही है कि संसार में कुपुत्र पैदा हो सकता है, किंतु कहीं भी कुमाता नहीं होती॥ 🙏जय माता की.🙏 *नवरात्रि की चतुर्थ दिवस पर माता माँ कूष्माण्डा की कृपा से आपकी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण हों और आपके घर में खुशहाली बनी रहे.* *🙏शुभ रात्रि 🙏*

Comments (3)

Radhe Radhe
Sep 25, 2025
🌹🌹 गुड नाइट शुभ रात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं, *_*जी बहन जी*_* राधे _राधे _जी! जय श्री कृष्ण जी।।🌹🌹

Radhe Radhe
Sep 25, 2025
🙏🌷 हैप्पी नवरात्रि शुभ नवरात्रि की चतुर्थ, शुभ रात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी हों। आप और आपके परिवार में सदैव खुशियां ही खुशियां , बरसती रहे।। ््््््ॐ जय माता दी।। 🌸🙏
