
Haresh Chanchlani Chanchlani
236 days ago
" राम बढ़ाएं सौ बढ़े बल से बढ़े न कोय"।। भावार्थ: कोई भी व्यक्ति अपने बल से नहीं बढ़ सकता,जब राम बढ़ता है तो झोपड़ी को महल बना देते हैं।। "विधि का विधान जान दु:ख-सुख सहिए। जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिए"।। 🌺🥀राम रहे"मैं"ना रहा नस-नस व्याप्त राम🥀🌺 🌺🥀सुख-दुख सौंपा राम को मिला बड़ा आराम🥀🌺 🌺🥀🙏जय सियाराम जी🙏🥀 🥀श्री राम जी की कृपा से सभी स्वस्थ और सुरक्षित रहें🥀
Comments (2)

Riya Riya 💖💖
Jan 6, 2026
jai shree ram🙏🙏 jai bajranwali🌺🌹 🙏shubh duphar vandan bhaiya ji🙏🙏

Mayank S
Jan 6, 2026
Jai shree krishna ji 🙏
