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🌹🌹 ऊं घृणि सूर्य नमः 🌹 ऊं भास्कराय नमः 🌹 जय सुर्य देव भगवान 🌹 शुभ प्रभात वंदन 🌹🌹

Comments (2)

सविता

सविता

Jul 5, 2026

भगवान प्रेम हैं और जहाँ प्रेम है, वही ईश्वर का वास है。 निस्वार्थ भाव से की गई प्रार्थना और दयालुता ही सबसे बड़ा धर्म है。

R k jangid 

phulera Jaipur

R k jangid phulera Jaipur

Jul 5, 2026

ओम सूर्य देवाय नमः 🚩🌹🙏