
Rama Devi Sahu
143 days ago
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा 🙏 चतुर्थी तिथि को विशेष रूप से गणेश जी की पूजा के लिए समर्पित माना जाता है, जो जीवन के संकटों को दूर करने और रुके हुए कार्यों को पूरा करने में सहायक होती है। यह तिथि दो प्रकार की होती है: संकष्टी चतुर्थी (कृष्ण पक्ष) और विनायक चतुर्थी (शुक्ल पक्ष)। इस साल अधिकमास में वरद चतुर्थी 20 मई 2026 को मनाई जाएगी, चतुर्थी तिथि 19 मई 2026 को दोपहर 2:18 बजे से शुरू होकर 20 मई 2026 को सुबह 11:06 बजे समाप्त होगी। व्रत की विधि: - सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें। - गणेश जी की प्रतिमा के सामने दीप प्रज्वलित करें। - लाल फूल, दूर्वा, और मोदक अर्पित करें। - गणेश चालीसा और गणपति स्तोत्र का पाठ करें। - संकल्प लें कि व्रत का पालन पूरी श्रद्धा और नियम से करेंगे। विशेष सावधानी: चंद्र दर्शन से बचें, 19 मई को दोपहर 2:18 बजे से रात 10:13 बजे तक और 20 मई को सुबह 8:43 बजे से रात 11:08 बजे तक चंद्रमा के दर्शन न करें। इस दिन पूजा करने से बच्चों में ज्ञान का सृजन होता है, जो लोग इस व्रत का पालन करते हैं, उन्हें भगवान गणेश ज्ञान व धैर्य का आशीर्वाद देते हैं।

Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!
