
Haresh Chanchlani Chanchlani
407 days ago
ताहि मारि मारुतसुत बीरा। बारिधि पार गयउ मतिधीरा।। तहाँ जाइ देखी बन सोभा। गुंजत चंचरीक मधु लोभा ।। 3 ।। भावार्थः- पवनपुत्र धीरबुद्धि वीर श्री हनुमान् जी उसको मारकर समुन्द्र के पार गए । वहाँ जाकर उन्होने वन की शोभा देखी । मधु ( पुष्प रस ) के लोभ से भौरे गुंजार कर रहे थे ।। 3 ।। श्री राम चंद्र सरकार की जय 🚩🙏जय श्री राम🙏🚩 ☕🌻सुप्रभात🌻☕
Comments (4)

Radhe Radhe
Jul 19, 2025
🌹🌹 शुभ रात्रि की शुभकामनाएं भाई 🌹🌹

Radhe Radhe
Jul 19, 2025
🌹🌹 जय श्री राम भक्त हनुमान जी की कृपा आप पर बनी रहे।।🙏

Rama Devi Sahu
Jul 19, 2025
Shri Ram Bhakt Hanuman Ji ki Jai Ho 🙏 Jai Siya Ram 🙏 Subha Shanivar ki Subha Kamanayen 🙏 Prabhu Shri Ram Ji ki Aasirbad Aap pr Sadeib Bani Rahe 🙏 Aap ka Din Subha Mangalmay Ho 🙏🌹🌹

विद्या सागर शुक्ल
Jul 19, 2025
पवनपुत्र हनुमान जी की जय हो,
