
Rama Devi Sahu
451 days ago
🙏‼️ Radhey Radhey ❤️ Jai Shree Krishna ‼️🙏 कबीरदास जी के पास बड़े बड़े लोगों की भीड़ लगी रहती थी । उनके संतत्व की चर्चा सुनकर राजा तक नतमस्तक रहते थे और उनसे मिलने के लिए लालायित रहते थे । किसी ने कबीरदास जी से कहा कि कबीरदास जी "आप जैसा कोई नहीं" , और आप भगवद्प्रेम में डूबे रहते हैं और अन्य लोगों को भी डुबाते हैं , आप जैसा कोई नहीं होगा । कबीरदास जी हँसे और उन्होंने एक दोहा कहा :- "कबिरा कबिरा क्या करे , जा जमुना के तीर । जँह गोपिन के प्रेम में , बह गए कोटि कबीर ।।" अर्थात :- अरे तुम लोग कबीर कबीर क्या करते हो , मेरी प्रसंशा क्या करते हो , अगर तुम्हें सच में भगवद्प्रेम देखना हो तो यमुना के किनारे प्रेम में व्याकुल , विह्वल , विरह से पीड़ित उस गोपी के पास जाओ , जिसके प्रेम में मेरे जैसे हज़ारों कबीर न्यौछावर हैं और जिनके प्रेम के समक्ष इस ब्रह्मांड में कोई अन्यत्र प्रेम नहीं है । यह है विरह की पराकाष्ठा और प्रेम की पराकाष्ठा का महात्म्य !! इसीलिए नारद जी ने "नारद भक्ति सूत्र" में एक सूत्र ही दे दिया :- यथा ब्रज गोपिकानाम !! 🌹🌹🌹🌹🌹🌹
Comments (1)

Deepak karki
Jun 5, 2025
radhe radhe ji jai mata di mata rani ki kripa aap par bani rahe
