
Rama Devi Sahu
460 days ago
🙏‼️ Radhey Radhey ‼️🙏 🍁🍁🍁*ईश्वर का घर* 🍁🍁🍁 एक बार भगवान दुविधा में पड़ गए, लोगों की बढ़ती साधना वृत्ति से वह प्रसन्न तो थे पर इससे उन्हें व्यवहारिक मुश्किलें आ रही थीं । कोई भी मनुष्य जब मुसीबत में पड़ता, तो भगवान के पास भागा-भागा आता और उन्हें अपनी परेशानियां बताता । उनसे कुछ न कुछ मांगने लगता । भगवान इससे दु:खी हो गए थे । अंतत: उन्होंने इस समस्या के निराकरण के लिए देवताओं की बैठक बुलाई और बोले - “देवताओं, मैं मनुष्य की रचना करके कष्ट में पड़ गया हूं । कोई न कोई मनुष्य हर समय शिकायत ही करता रहता हैं, जिससे न तो मैं कहीं शांति पूर्वक रह सकता हूं, न ही तपस्या कर सकता हूं । आप लोग मुझे कृपया ऐसा स्थान बताएं, जहां मनुष्य नाम का प्राणी कदापि न पहुंच सके ।“ प्रभू के विचारों का आदर करते हुए देवताओं ने अपने-अपने विचार प्रकट किए । गणेश जी बोले - “आप हिमालय पर्वत की चोटी पर चले जाएं ।“ भगवान ने कहा - “यह स्थान तो मनुष्य की पहुंच में हैं । उसे वहां पहुंचने में अधिक समय नहीं लगेगा ।“ इंद्रदेव ने सलाह दी कि “वह किसी महासागर में चले जाएं । वरुण देव बोले -"आप अंतरिक्ष में चले जाइए ।“ भगवान ने कहा - “एक दिन मनुष्य वहां भी अवश्य पहुंच जाएगा ।“ भगवान निराश होने लगे थे । वह मन ही मन सोचने लगे- “क्या मेरे लिए कोई भी ऐसा गुप्त स्थान नहीं हैं, जहां मैं शांतिपूर्वक रह सकूं ।“ अंत में सूर्य देव बोले- “ प्रभू ! आप ऐसा करें कि मनुष्य के हृदय में बैठ जाएं । मनुष्य अनेक स्थान पर आपको ढूंढने में सदा उलझा रहेगा, पर वह यहाँ आपको कदापि न तलाश करेगा ।“ ईश्वर को सूर्य देव की बात पसंद आ गई । उन्होंने ऐसा ही किया और वह मनुष्य के हृदय में जाकर बैठ गए । उस दिन से मनुष्य अपना दुख व्यक्त करने के लिए ईश्वर को ऊपर, नीचे, दाएं, बाएं, आकाश, पाताल में ढूंढ रहा है पर वह मिल नहीं रहें । *मनुष्य अपने भीतर बैठे हुए ईश्वर को नहीं देख पा रहा हैं ll 〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️
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