
Rama Devi Sahu
166 days ago
🌺 जय बजरंगबली 🌺 मंगलवार की पावन सुबह में 🙏 लेटे हुए हनुमान जी के दिव्य दर्शन 🙏 प्रयागराज के संगम तट पर स्थित लेटे हुए हनुमान जी मंदिर भारत के सबसे अद्भुत और रहस्यमयी हनुमान मंदिरों में गिना जाता है। यहाँ भगवान हनुमान खड़े या बैठे नहीं, बल्कि शयन मुद्रा (लेटे हुए) विराजमान हैं। यही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है। 🌊 संगम और आस्था का अनोखा संबंध यह मंदिर त्रिवेणी संगम के पास किले के नीचे स्थित है। मान्यता है कि जब भी गंगा का जलस्तर बढ़ता है, तो माँ गंगा स्वयं आकर हनुमान जी के चरणों का स्पर्श करती हैं। भक्त इसे “गंगा माँ का अभिषेक” मानते हैं। कुंभ या बाढ़ के समय मंदिर में पानी भर जाना यहाँ चमत्कार नहीं, बल्कि आस्था का उत्सव माना जाता है। 📜 पौराणिक कथा क्या कहती है? रामायण से जुड़ी सबसे प्रसिद्ध कथा के अनुसार: लंका विजय के बाद भगवान श्रीराम के आदेश पर हनुमान जी ने अपनी अपार शक्ति और अहंकार को त्यागकर यहाँ विश्राम किया। कहा जाता है कि पृथ्वी का संतुलन बनाए रखने के लिए हनुमान जी यहाँ धरती को दबाकर शयन अवस्था में लेट गए। कुछ मान्यताओं के अनुसार: उनके चरणों के नीचे पाताल लोक का द्वार माना जाता है इसलिए हनुमान जी यहाँ लेटकर पृथ्वी और अधोलोक की रक्षा कर रहे हैं 🔱 मूर्ति की खास बातें लगभग 20 फीट लंबी विशाल प्रतिमा पूरे भारत में हनुमान जी की ऐसी शयन मुद्रा बेहद दुर्लभ दर्शन करते समय भक्त पहले चरणों के दर्शन करते हैं, फिर पूरा स्वरूप ✨ क्यों खास है यह मंदिर? यहाँ हनुमान जी वीर योद्धा नहीं, बल्कि शक्ति के बाद विनम्रता का संदेश देते हैं। इसीलिए प्रयागराज आने वाला हर श्रद्धालु संगम स्नान से पहले या बाद में लेटे हुए बजरंगबली के दर्शन जरूर करता है। सियावर रामचंद्र की जय पवनसुत हनुमान की जय 🚩 आपका दिन मंगलमय हो।

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