
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
2 days ago
जय हनुमान जी 🙏🚩 हनुमान जी का स्त्री रूप में पूजा होने वाला मंदिर भारत का सबसे अनोखा मंदिर माना जाता है। *ये मंदिर है - गिरजाबंध हनुमान मंदिर, रतनपुर* *स्थान:* छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर से लगभग 25 किलोमीटर दूर धार्मिक नगरी *रतनपुर के गिरजाबंध* में स्थित है। कहा जाता है ये पूरी दुनिया का इकलौता मंदिर है जहाँ हनुमान जी पुरुष रूप में नहीं बल्कि स्त्री रूप में विराजमान हैं। कथा क्या है? *1. राजा को रोग:* रतनपुर के राजा पृथ्वी देवजू हनुमान जी के बड़े भक्त थे, लेकिन उन्हें कुष्ठ रोग हो गया था। बहुत इलाज के बाद भी ठीक नहीं हुए। *2. सपने में दर्शन:* एक रात राजा के सपने में हनुमान जी आए, लेकिन स्त्री रूप में। उन्होंने देवी जैसा श्रृंगार किया हुआ था, कानों में कुंडल, माथे पर मुकुट, एक हाथ में लड्डू की थाली और पूँछ भी थी। हनुमान जी ने कहा - मंदिर बनवाओ और उसके पीछे एक तालाब खुदवाओ, उसमें नहाने से तुम्हारा रोग ठीक होगा। *3. मूर्ति की प्राप्ति:* राजा ने मंदिर बनवाया तो मूर्ति का सवाल आया। फिर हनुमान जी सपने में आए और कहा - महामाया कुंड में मेरी मूर्ति रखी है, उसे निकाल कर स्थापित करो। कुंड से जो मूर्ति निकली वो बिल्कुल वैसी ही स्त्री रूप वाली थी जैसी राजा ने सपने में देखी थी। विधि-विधान से स्थापना के बाद राजा का कुष्ठ रोग पूरी तरह ठीक हो गया। तभी से यहाँ हनुमान जी को स्त्री रूप में सोलह श्रृंगार करके, चोला नहीं बल्कि चुनरी और जेवर पहनाकर पूजा की जाती है। मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से माँगी गई हर मनोकामना पूरी होती है। और इसी मंदिर से जुड़ी कुछ और खास बातें जी: *1. मूर्ति का रूप:* इस मूर्ति में हनुमान जी की पूँछ है, गदा है, लेकिन चेहरे पर मूंछ नहीं है। आँखें बड़ी, होठों पर लाली, कानों में कुंडल, नाक में नथ और सुंदर साड़ी/चुनरी पहने हुए हैं। इसीलिए इसे देखकर लगता है कि देवी जी खड़ी हैं, लेकिन ध्यान से देखें तो वानर स्वरूप भी दिखता है। *2. स्थानीय पंडितों के अनुसार ये मूर्ति खुद प्रकट हुई थी, बनाई नहीं गई। *3. दो मूर्तियाँ एक साथ:* मंदिर के गर्भगृह में मुख्य स्त्री रूप वाली मूर्ति के ठीक पीछे एक छोटी सी पुरुष रूप वाली हनुमान जी की मूर्ति भी है, जो बाद में स्थापित की गई थी। *4. लंका दहन वाली कथा भी जुड़ी है:* कुछ कथाओं में कहा जाता है कि जब हनुमान जी लंका में सीता माता को खोजने गए थे, तब राक्षसों से बचने के लिए उन्होंने स्त्री का वेश धारण किया था। उसी रूप की याद में यहाँ पूजा होती है। *5. मान्यता:* कहा जाता है कि जो पुरुष यहाँ आकर हनुमान जी के स्त्री रूप के दर्शन करता है, उसका अहंकार और दोष दूर होता है, और जिस स्त्री को संतान सुख नहीं मिल रहा, उसे यहाँ दर्शन से आशीर्वाद मिलता है।
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