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Rama Devi Sahu

13 days ago

सावन का महीना आते ही जैसे मन अपने आप भोलेनाथ के चरणों में झुक जाता है। कहीं मंदिरों में गूंजता हर हर महादेव, कहीं शिवलिंग पर चढ़ता जल, कहीं कांवड़ियों की आस्था और कहीं घर के छोटे से पूजा-स्थान में जलता हुआ एक दीपक - सावन सचमुच केवल एक महीना नहीं, भावनाओं का महीना है। और इसी पावन सावन की शुक्ल पक्ष की पंचमी को आती है नाग पंचमी। इस वर्ष नाग पंचमी 17 अगस्त 2026, सोमवार को है। संयोग से यह सावन सोमवार भी है, इसलिए शिव और नाग देवता की आराधना का यह दिन श्रद्धालुओं के लिए और भी विशेष हो गया है। हममें से अधिकांश लोगों ने बचपन में नाग पंचमी के दिन घर के दरवाजे पर बनी नाग की आकृति देखी होगी। दादी या नानी चावल, रोली, हल्दी और फूल लेकर उसकी पूजा करती थीं। कोई नाग देवता की कथा सुनाता था, कोई शिवजी के गले में लिपटे नाग को याद करता था और कोई कहता था - आज के दिन धरती मत खोदना, नाग देवता विश्राम करते हैं। बचपन में शायद हम इन बातों का अर्थ नहीं समझते थे, लेकिन आज पीछे मुड़कर देखें तो लगता है कि हमारी परंपराओं ने कितनी सहज भाषा में हमें प्रकृति के साथ जीना सिखाया था। सनातन परंपरा में नाग केवल एक सर्प नहीं हैं। वे शक्ति, संरक्षण, रहस्य और प्रकृति के संतुलन के प्रतीक हैं। भगवान शिव ने जिस नाग को अपने कंठ का आभूषण बनाया, वही नाग मनुष्य के लिए भय का कारण भी हो सकता है। यही तो महादेव की लीला है - संसार जिसे भय समझता है, शिव उसे अपने गले से लगा लेते हैं। शायद यही नाग पंचमी का सबसे सुंदर संदेश है कि भय को भगाने का एक मार्ग यह भी है कि हम उसे समझें, उसका सम्मान करें और उसके साथ संतुलन बनाकर जीना सीखें। भविष्यपुराण से संबद्ध परंपरा में आठ नाग देवताओं का स्मरण करते हुए कहा गया है - वासुकिः तक्षकश्चैव कालियो मणिभद्रकः। ऐरावतो धृतराष्ट्रः कार्कोटकधनंजयौ॥ एतेऽभयं प्रयच्छन्ति प्राणिनां प्राणजीविनाम्॥ अर्थात् वासुकि, तक्षक, कालिया, मणिभद्रक, ऐरावत, धृतराष्ट्र, कार्कोटक और धनंजय नाग देवता प्राणियों को अभय प्रदान करने वाले माने गए हैं। नाग पंचमी पर नवनागों का स्मरण करने की भी परंपरा है - अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम्। शंखपालं धृतराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा॥ एतानि नव नामानि नागानां च महात्मनाम्। सायंकाले पठेन्नित्यं प्रातःकाले विशेषतः॥ अनन्त, वासुकि, शेष, पद्मनाभ, कम्बल, शंखपाल, धृतराष्ट्र, तक्षक और कालिया - इन महान नागों का स्मरण हमारी धार्मिक परंपरा में विशेष महत्व रखता है। और नाग पंचमी की कथाओं की दुनिया भी कितनी अद्भुत है। महाभारत में तक्षक नाग का प्रसंग आता है। राजा परीक्षित की मृत्यु के बाद उनके पुत्र जनमेजय ने प्रतिशोध की अग्नि में सर्प यज्ञ आरंभ कर दिया। एक-एक करके असंख्य नाग यज्ञाग्नि की ओर खिंचने लगे। तब आस्तिक ऋषि आगे आए और जनमेजय से यज्ञ रोकने का वर मांगकर नागों के विनाश को रोक दिया। सोचिए, यह कथा केवल नागों की नहीं है। यह हमारे भीतर उठने वाली प्रतिशोध की आग की भी कथा है। क्रोध जब धर्म के नाम पर भी चल पड़े, तब उसे रोकने के लिए आस्तिक जैसे विवेक की आवश्यकता होती है। फिर आती है श्रीकृष्ण और कालिया नाग की कथा। कालिया के विष से यमुना का जल दूषित हो गया था। बालक कृष्ण ने यमुना में प्रवेश किया और कालिया का दमन किया। लेकिन अंत में उसे नष्ट करने के बजाय जीवनदान दिया और यमुना छोड़कर चले जाने का आदेश दिया। यहां भी संदेश कितना गहरा है - अधर्म और विष का दमन आवश्यक है, लेकिन सुधार और करुणा का द्वार बंद नहीं होना चाहिए। नाग पंचमी से जुड़ी एक लोकपरंपरा में भगवान शिव की पांच नाग कन्याओं की कथा भी मिलती है। कथा के अनुसार जया, विषहरा, शामिलबारी, देव और दोतली नाम की पांच नाग कन्याओं का जन्म सावन शुक्ल पंचमी के दिन हुआ। माता पार्वती को जब उनके बारे में पता चला तो प्रारंभ में वे क्रोधित हुईं, लेकिन भगवान शिव ने बताया कि ये उनकी ही पुत्रियां हैं। माता पार्वती ने उन्हें अपनी पुत्रियों के रूप में स्वीकार कर लिया। यह कथा लोकपरंपरा का हिस्सा है और अलग-अलग क्षेत्रों में इसके स्वरूप में भिन्नता मिलती है, लेकिन इसका भाव बहुत सुंदर है - जिसे हम अनजान समझकर दूर कर देते हैं, उसके भीतर भी अपना ही अंश हो सकता है। यही कारण है कि नाग पंचमी के दिन सबसे पहले भगवान शिव का स्मरण करना हमारी परंपरा में विशेष माना गया है। शिव का अभिषेक करें, ॐ नमः शिवाय का जाप करें और फिर नाग देवता का श्रद्धापू

Comments (6)

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Aug 17, 2026

🙏शुभ प्रभात🌞 शुभ सोमवार🕉 श्रावण माह शुभ तिथि पंचमी को नागराज को समर्पित 👏👏आप सभी को नागपंचमी की हार्दिक शुभकामनाएँ💐💐 जय श्री राम🕉🙏 राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे सहस्रनाम ततुल्यम राम नाम वरानने🙏शिवाय नमः शिवाय नमः🙏 हर हर महादेव🙏 पार्वती पत्ये नमोस्तुते🙏🕉🔱

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Aug 17, 2026

🙏शुभ प्रभात🌞 शुभ सोमवार🕉 श्रावण माह शुभ तिथि पंचमी को नागराज को समर्पित 👏👏आप सभी को नागपंचमी की हार्दिक शुभकामनाएँ💐💐 जय श्री राम🕉🙏 राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे सहस्रनाम ततुल्यम राम नाम वरानने🙏शिवाय नमः शिवाय नमः🙏 हर हर महादेव🙏 पार्वती पत्ये नमोस्तुते🙏🕉🔱

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Aug 17, 2026

🙏शुभ प्रभात🌞 शुभ सोमवार🕉 श्रावण माह शुभ तिथि पंचमी को नागराज को समर्पित 👏👏आप सभी को नागपंचमी की हार्दिक शुभकामनाएँ💐💐 जय श्री राम🕉🙏 राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे सहस्रनाम ततुल्यम राम नाम वरानने🙏शिवाय नमः शिवाय नमः🙏 हर हर महादेव🙏 पार्वती पत्ये नमोस्तुते🙏🕉🔱

Srikumar  महाराज🇮🇳☸️

Srikumar महाराज🇮🇳☸️

Aug 17, 2026

ଆଶୀର୍ବାଦ - ଏଥିରେ - ଚମତ୍କାର ସୋମବାର ପରମେଶ୍ୱର ଅସମ୍ଭବ ପରିସ୍ଥିତିକୁ ଶକ୍ତିଶାଳୀ ସାକ୍ଷ୍ୟରେ ପରିଣତ କରିବାରେ ବିଶେଷଜ୍ଞ ଯେଉଁଠାରେ ବିଶ୍ୱାସ ଚାଲିଥାଏ, ସେଠାରେ ପ୍ରାୟତଃ ଆଶ୍ଚର୍ଯ୍ୟଜନକ ଘଟଣା ଘଟେ। ଉତ୍ସାହିତ ରୁହନ୍ତୁ ଏକ ଆଶ୍ଚର୍ଯ୍ୟଜନକ ସପ୍ତାହ କ'ଣ ହେବ

Dilip

Dilip

Aug 17, 2026

नाग पंचमी की आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं बहन जी हर हर महादेव जी

सविता

सविता

Aug 17, 2026

om namah shivay 🙏🌹 shubh prabhat vandan ji 🙏🌹