
Rama Devi Sahu
279 days ago
*जिंदगी* में आगे "बढ़ना" ...*मगर* किसी को *ठोकर* मार कर नहीं .... *सम्मान* "सबका" करना ...*मगर*" खुद" को *गिरा* कर नहीं.... *दिल* *खोल* कर जरूर "हंसना"... *मगर* किसी का *मन* *दुखा* कर नहीं...

Comments (5)

Gori 🕉️🌿 शंकराय नमः
Nov 24, 2025
good night😴

Rama Devi Sahu
Nov 24, 2025
Bahut hi Sundar Gyan Pradayak Prasanga 👌👌 Isi me Bahut kuch Sikhaya milti hai... Radhey Radhey ❤️ Jai Shree Krishna 🙏 Subha Sandhya Vandan 🙏🌹🪔🌹🙏

Rama Devi Sahu
Nov 24, 2025
Ram Ram Bhaiya Jii 🙏 Bhagwan ki Aasirbad Aap pr Hamesha Banaye Rakhe 🙏 Aap ka Har Pal Subha Mangalmay Ho 🙏 Shubha Sandhya Vandan 🙏🌹🪔🌹🙏

Sanju ❤️
Nov 24, 2025
एक छोटे-से गाँव में एक बूढ़ा बढ़ई रहता था — ईमानदार, शांत, और सबका सम्मान करने वाला। गाँव में एक नौजवान था, जो हमेशा दूसरों को नीचे दिखाकर, मज़ाक उड़ाकर, या चतुराई दिखाकर आगे निकलना चाहता था। वह अक्सर बूढ़े बढ़ई को चिढ़ाता— “तुम धीरे काम करते हो… इसलिए तुम गरीब हो!” बूढ़ा कभी जवाब नहीं देता। बस मुस्कुराकर अपना काम करता रहता। --- 🌿 एक दिन गाँव में लकड़ी काटने की प्रतियोगिता हुई। इनाम बड़ा था। नौजवान बोला— “आज मैं इस बूढ़े को हराकर साबित कर दूँगा कि तेज़ी ही सब कुछ है!” प्रतियोगिता शुरू हुई। नौजवान तेजी से लकड़ी काटने लगा, बिना रुके… बिना सोचे… वह लगातार चोट मारता गया। बूढ़ा बढ़ई थोड़ा काटता, फिर रुककर कुछ देर बैठ जाता, फिर थोड़ा काटता, फिर रुक जाता। नौजवान हँसते हुए बोला— “देखा? धीरे चलने वाले कभी आगे नहीं निकलते!” --- 🌟 शाम को विजेता घोषित हुआ — और सब हैरान! विजेता बूढ़ा बढ़ई था। उसने नौजवान से दोगुनी लकड़ी काटी थी। नौजवान चौंककर बोला— “ये कैसे हो गया? आप तो बार-बार रुक रहे थे!” बूढ़ा मुस्कुराया और बोला— “मैं रुककर कुल्हाड़ी तेज कर रहा था… और तुम? तुम दूसरों को देखकर ही जीतना चाहते थे, इसलिए अपनी कुल्हाड़ी कुंद करते रहे।” नौजवान समझ नहीं पाया। बूढ़ा आगे बोला— **“बेटा… जो लोग दूसरों को गिराकर आगे बढ़ते हैं, वो रास्ता छोटा तो कर लेते हैं, पर बहुत दूर नहीं जा पाते। सच्चा रास्ता वह है जहाँ अपनी कुल्हाड़ी तेज रखो— यानि… अपना स्वभाव, अपना सम्मान, अपनी मेहनत साफ रखो। किसी का दिल दुखाकर मिली जीत हमेशा आधी रह जाती है।”** नौजवान की आँखें झुक गईं। उसे पहली बार समझ आया कि तेज़ चलना और सही चलना दो अलग बातें हैं। --- ✨ कहानी की सीख आगे बढ़ो… पर किसी को ठोकर मारकर नहीं। सम्मान करो… पर खुद को गिराकर नहीं। हँसो… पर किसी का दिल दुखाकर नहीं। ज़िंदगी की असली जीत वही है जो बिना किसी को चोट पहुँचाए मिले।

H.S.CHAHAR
Nov 24, 2025
🙏🚩अति सुंदर लाइन ऐसी सोच हर आदमी की होनी चाहिए तो राम राज्य आ जाएगा जय श्री राम 🚩🙏
