
प्रभा त्रिपाठी
413 days ago
*पापोपहतबुद्धीनां शिवे वार्तापि दुर्लभा।* *- स्कन्दपुराण श्लोक 1.2.12.54* *भावार्थ:* उन मनुष्यों का प्राथना शिव तक नहीं पहुंचेगी जिनके मन पापों से ग्रसित हैं। _हमें अपने कर्मों के प्रति सचेत रहना चाहिए और पाप कर्मों से बचना चाहिए, ताकि हम भगवान शिव की कृपा और उनके ज्ञान को प्राप्त कर सकें।_ यह श्लोक बताता है कि जो लोग पापों में लिप्त हैं, उन्हें भगवान शिव की कृपा प्राप्त होना बहुत मुश्किल है। पापों से बुद्धि भ्रष्ट हुए लोगों के लिए भगवान शिव की बात भी दुर्लभ है, अर्थात उन्हें भगवान शिव कृपा प्राप्त होना बहुत मुश्किल है।

Comments (2)

Anup Kumar Sinha
Jul 15, 2025
जय श्री राम 🙏🙏

Rama Devi Sahu
Jul 13, 2025
Jai Shree Ram 🙏 Prabhu Shri Ram Ji ki Aasirbad se Aap ka Kalyan Ho 🙏🌹🌹
